बिजऩेस रेमेडीज/लक्ष्मणगढ़ Mody University ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज़ के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा ‘रसायन विज्ञान का लोकप्रियकरण: प्रदर्शनों और प्रयोगों के माध्यम से’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में रसायन विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न करना तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल स्टूडेंट चैप्टर, अमेरिकन केमिकल सोसायटी के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. (डॉ.) अशुतोष भारद्वाज, प्रेसिडेंट, Mody University रहे। संयोजक प्रो. (डॉ.) जितेन्द्र बिनवाल, डीन, एसएलएएस एवं चेयरमैन एमएमसी थे। कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल स्टूडेंट चैप्टर, अमेरिकन केमिकल सोसायटी के तत्वाधान में हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान सिटी कॉलेज कोलकाता और मोदी विश्वविद्यालय के बीच एकशैक्षणिक और वैज्ञानिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया गया। Mody University के रजिस्ट्रार डॉ विनोद पुरोहित ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे पंजीकरण के साथ हुआ, जिसके पश्चात 9:00 बजे दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ उद्घाटन समारोह प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में प्रो. (डॉ.) अशुतोष भारद्वाज ने छात्रों को विज्ञान को जीवन से जोडऩे का संदेश देते हुए रसायन विज्ञान के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद प्रो. (डॉ.) जितेन्द्र बिनवाल ने विज्ञान एवं समाज के बीच की दूरी को पाटने की आवश्यकता पर बल दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता कथुरिया ने रसायन विभाग की गतिविधियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण था प्रो. (डॉ.) अरिंदम राणा, सिटी कॉलेज, कोलकाता द्वारा प्रस्तुत रसायन विषयक डेमोंस्ट्रेशन लेक्चर। प्रयोगों की श्रृंखला ने विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र के सिद्धांतों को प्रत्यक्ष देखने और समझने का अवसर प्रदान किया। इसके बाद दोपहर 12:45 से 1:45 बजे तक स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज़ की प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया। दोपहर 2:30 से 3:30 बजे तक “Chemistry for Life” विषय पर पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। कार्यक्रम का समापन 3:30 से 4:30 बजे समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम के संयोजक डॉ आमलान दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, संकाय सदस्य एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

