अमेरिका के टैरिफ वार के बीच खुश खबर यह भी है कि भारत का मेक इन इंडिया का विजन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। अब एपल ने अप्रैल, २०२५ में भारत से अमेरिका के लिए आईफोन के निर्यात में वृद्धि दर्ज की है। हर आईफोन भारत में बना हो, मेक इन इंडिया के लिए यह बड़ा मौका साबित हो रहा है। अप्रैल में आईफोन का निर्यात १७.२१९ करोड़ रुपए से अधिक हुआ है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ७.९७१ करोड़ रुपए था,जबकि इस वर्ष निर्यात में करीब ११६ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष अभी तक भारत ने एपल के लिए 25-30 फीसदी आईफोन बनाए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 18 फीसदी था। पर भारत में जितना प्रोडक्शन हो पाता है, अमेरिका में आईफोन का बाजार उससे कहीं बड़ा है। यदि एपल को अमेरिका में आईफोन की अपनी समूची मांग भारत से पूरी करनी है तो अगले १५ से १८ महीनों में भारत में आईफोन का उत्पादन दोगुना करना होगा। वर्ष, 2024 में अमेरिका में 7.59 करोड़ आईफोन बिके थे, जबकि इस वर्ष मार्च में भारत से 31 लाख यूनिट वहां भेजी गई थीं। अच्छी बात यह भी है कि तमिलनाडु के होसुर और बेंगलुरु में दो नई फैसिलिटी तैयार हैं और इनके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। एपल अगर अपना उत्पादन और बढ़ाती है तो यह भारत में किसी भी विनिर्माण कंपनी की ओर से निर्यात के मोर्चे पर अच्छी प्लांनिग हो सकती है। इसके लिए कराधान, शुल्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में विस्तार कर सुधार की जरूरत होगी। आईफोन की सफलता वैश्विक स्तर पर भारत की हैसियत बढ़ाएगी और तब इन आंकड़ों को भी बदला जा सकेगा। इस समय अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर भी बात चल रही है। इसके बाद संभवत: एपल के निर्यात और मेक इन इंडिया के विजन को जोरदार बल मिल सकेगा।

