चेन्नई,
तमिलनाडु में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के कारण राज्य के करीब एक लाख रेस्टोरेंट और भोजनालय अगले दो दिनों में बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। तमिलनाडु होटल मालिक संघ ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और रसोई गैस की आपूर्ति बिना बाधा जारी रखने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष एम. वेंकटासुब्बु ने बताया कि व्यावसायिक रसोई गैस की आपूर्ति में बाधा का असर कई जिलों में पहले से दिखाई देने लगा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे चाय स्टॉल तक को अपने संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र बहुत बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराता है। उनके अनुसार लगभग 50 लाख श्रमिक सीधे तौर पर रेस्टोरेंट उद्योग पर निर्भर हैं, जबकि करीब 50 लाख लोग इस क्षेत्र से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। यदि गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं हुई तो पूरा उद्योग गंभीर संकट में फंस सकता है।
संघ ने केंद्र सरकार से युद्धस्तर पर कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि रेस्टोरेंट और होटलों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि कारोबार सामान्य रूप से चल सके। वेंकटासुब्बु ने यह भी बताया कि बड़े रेस्टोरेंट को फैक्टरी अधिनियम के तहत कारखाने की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन उन्हें औद्योगिक इकाइयों की तरह बिजली दरों में मिलने वाली रियायत नहीं मिलती। मौजूदा संकट को देखते हुए उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि रेस्टोरेंट को निजी स्रोतों से कम दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति दी जाए, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था संभव हो सके। उधर गैस आपूर्ति में यह बाधा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव से भी जुड़ी बताई जा रही है। इसका असर अब तमिलनाडु के कई जिलों में दिखाई देने लगा है।
मंगलवार तक चेन्नई और वेल्लोर जैसे जिलों में स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में थी, लेकिन पर्यटन पर निर्भर रेस्टोरेंट और होटल बुधवार से बंद होने लग सकते हैं यदि गैस की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ। विल्लुपुरम और कल्लाकुरिची जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में अचानक तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले जहां सिलेंडर की डिलीवरी के लिए लगभग 21 दिन का इंतजार करना पड़ता था, अब यह अवधि बढ़कर 25 दिन तक पहुंच गई है। गैस वितरकों ने बताया कि फिलहाल केवल उन्हीं ग्राहकों को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिन्होंने पहले से बुकिंग कर रखी है।
तिरुचिरापल्ली, पुदुकोट्टई, तंजावुर, करूर, पेराम्बलुर और अरियालुर जिलों के रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का भंडार केवल दो दिनों के लिए ही बचा है, क्योंकि हाल के दिनों में इन जिलों तक गैस आपूर्ति करने वाले ट्रक नहीं पहुंचे हैं। तिरुवन्नामलाई और कुड्डालोर जिलों में भी गैस की कमी की सूचना मिली है, जहां व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है। कोयंबटूर में कई बड़े रेस्टोरेंट ने गैस की बचत के लिए अपने भोजन मेन्यू में कटौती कर दी है और संचालन समय भी कम कर दिया है।
यह संकट मदुरै, रामनाथपुरम, डिंडीगुल, थेनी, शिवगंगा और विरुधुनगर जैसे जिलों को भी प्रभावित कर रहा है, जहां सोमवार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग बंद बताई जा रही है। धार्मिक स्थल रामेश्वरम में स्थिति और गंभीर है, क्योंकि वहां लगभग 90 प्रतिशत रेस्टोरेंट के पास लकड़ी से खाना बनाने की सुविधा नहीं है और वे पूरी तरह एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो तमिलनाडु भर में बड़े पैमाने पर रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बन सकती है।

