बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। भारतीय जीवन बीमा निगम (“एलआईसी”) के निदेशक मंडल ने 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए एकल और समेकित वित्तीय परिणामों को स्वीकृति प्रदान की एवं उन्हें अनुमोदित किया। नीचे हमारे एकल परिणामों के मुख्य अंश दिए गए हैं।
30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कर-पश्चात लाभ (पीएटी) 10,986 करोड़ रुपये था, जबकि 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 10,461 करोड़ रुपये था, जो 5.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय (एफवाईपीआई) (आईआरडीएआई के अनुसार) द्वारा मापी गई बाजार हिस्सेदारी के संदर्भ में, एलआईसी 63.51 प्रतिशत की समग्र बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय जीवन बीमा व्यवसाय में बाजार में अग्रणी बनी हुई है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, एलआईसी की व्यक्तिगत व्यवसाय में 38.76 प्रतिशत और समूह व्यवसाय में 76.54 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी। 30 जून. 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कुल प्रीमियम आय 1,19,200 करोड़ रुपये थी, जबकि 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 1,13,770 करोड़ रुपये थी, जो 4.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कुल व्यक्तिगत व्यवसाय प्रीमियम पिछले वर्ष की इसी अवधि के 67,192 करोड़ रुपये से बढक़र 71,474 करोड़ रुपये हो गया, जो 6.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए समूह व्यवसाय की कुल प्रीमियम आय 47,726 करोड़ रुपये थी, जबकि 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 46,578 करोड़ रुपये थी, जो 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के दौरान व्यक्तिगत रूप से कुल 30.39,709 पॉलिसियाँ बेची गईं, जबकि 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही के दौरान 35,65,519 पॉलिसियाँ बेची गईं, यानी 14.75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (एपीई) आधार पर, 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कुल प्रीमियम 12,652 करोड़ रुपये था। इसमें से 55.81 प्रतिशत (7,061 करोड़ रुपये) व्यक्तिगत व्यवसाय द्वारा और 44.18 प्रतिशत (5,590 करोड़ रुपये) समूह व्यवसाय द्वारा हुआ।
व्यक्तिगत व्यवसाय के अंतर्गत, एपीई आधार पर सहभागी (पार) उत्पादों का हिस्सा 69.66 प्रतिशत (4,919 करोड़ रुपये) था तथा शेष 30.34 प्रतिशत (2,142 करोड़ रुपये) असहभागी (नॉन पार) उत्पादों का था। असहभागी (एपीई) 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के 1,615 करोड़ रुपये से बढक़र 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए 2,142 करोड़ रुपये हो गया है, जो 32.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसलिए, एपीई आधार पर, व्यक्तिगत व्यवसाय का हमारा असहभागी (नॉन पार) हिस्सा, जो 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए 23.94 प्रतिशत था, 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए बढक़र 30.34 प्रतिशत हो गया है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए नए व्यवसाय का मूल्य (वीएनबी) 1,944 करोड़ रुपये था, जबकि 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 1,610 करोड़ रुपये था, जिसमें 20.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए शुद्ध वीएनबी मार्जिन 150 बीपीएस की वृद्धि के साथ 15.4 प्रतिशत हो गया, जबकि 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 13.9 प्रतिशत था। 30 जून, 2025 को सॉल्वेंसी अनुपात 30 जून, 2024 को 1.99 के मुकाबले बढक़र 2.17 हो गया। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, 13वें महीने और 61 वें महीने के लिए प्रीमियम आधार पर स्थायित्व अनुपात क्रमश: 75.63 प्रतिशत और 63.85 प्रतिशत हैं। 30 जून, 2024 को समाप्त इसी तिमाही के लिए तुलनीय स्थायित्व अनुपात क्रमश: 78.23 प्रतिशत और 61.62 प्रतिशत थे।
30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, 13वें महीने और 61 वें महीने के लिए पॉलिसियों की संख्या के आधार पर स्थायित्व अनुपात क्रमश: 64.35 प्रतिशत और 51.12 प्रतिशत थे। 30 जून, 2024 को समाप्त इसी अवधि के लिए तुलनात्मक स्थायित्व अनुपात क्रमश: 67.81 प्रतिशत और 49.39 प्रतिशत थे। प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ (एयूएम) 30 जून, 2025 तक बढक़र 57,05,341 करोड़ रुपये हो गई, जबकि 30 जून, 2024 को यह 53,58,781 करोड़ रुपये थीं, जो वर्ष-दर-वर्ष 6.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कुल व्यय अनुपात 10.47 प्रतिशत था, जबकि 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 11.87 प्रतिशत था, यानी 140 आधार अंकों की कमी दर्ज की गई। अप्राप्त लाभ को छोडक़र पॉलिसीधारकों के फंड पर निवेश पर प्रतिफल 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए 8.45 प्रतिशत था, जबकि 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए यह 8.54 प्रतिशत था।
एलआईसी के सीईओ एवं एमडी, आर. दोराईस्वामी ने कहा: “इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान, प्रथम वर्ष प्रीमियम आय के आधार पर हमारी कुल बाजार हिस्सेदारी 63.51 प्रतिशत रही और हमने व्यक्तिगत और समूह व्यवसाय, दोनों में अग्रणी स्थिति बनाए रखी। व्यक्तिगत व्यवसाय में नॉन-पार हिस्सेदारी में वृद्धि, वीएनबी मार्जिन में वृद्धि और बैंका हिस्सेदारी में वृद्धि जैसी हमारी रणनीति के प्रमुख तत्व पूरी तरह से सही दिशा में हैं। व्यक्तिगत खंड में नॉन-पार उत्पादों की हिस्सेदारी, एपीई आधार पर, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में बढक़र 30.34 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 23.94 प्रतिशत थी। वीएनबी मार्जिन साल-दर-साल आधार पर 150 आधार अंकों से बढक़र 15.4 प्रतिशत हो गया है, जबकि इस तिमाही में हमारा व्यय अनुपात 140 आधार अंकों से घटकर 10.47 प्रतिशत हो गया है। बैंकाश्योरेंस और वैकल्पिक चैनलों की बढ़ी हुई हिस्सेदारी के साथ हमारी चैनल मिक्स विविधीकरण रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है। 30 जून 2025 तक, 1.99 लाख से अधिक महिलाओं को बीमा सखी के रूप में नियुक्त किया जा चुका है। जिन्होंने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 3.26 लाख से ज़्यादा पॉलिसी बेची हैं। हम देश में जीवन बीमा की पहुँच को और बढ़ाने के लिए नियामक प्राधिकरणों और विभिन्न राज्य एवं जिला स्तरीय बीमा समितियों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। हम ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा करने और अपने ग्राहकों तक पहुँच को और बेहतर बनाने के लिए नए उत्पाद लॉन्च करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। trasntle in englsiah as it is

