नई दिल्ली,
देश के प्रमुख वित्तीय और राजनीतिक विशेषज्ञों ने हालिया रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने LIC (Life Insurance Corporation of India) पर Adani Group में निवेश के लिए दबाव डाला। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट Bihar विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जारी की गई है — जो इसके timing को संदिग्ध और राजनीतिक रूप से प्रेरित बनाती है।
🕒 Suspicious Timing Before Polls
Experts का कहना है कि जब भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से recovery कर रही है और global confidence बना हुआ है, तब इस तरह की रिपोर्ट का आना जानबूझकर विवाद खड़ा करने की कोशिश लगता है।
💬 “Why Can’t LIC Invest Like Foreign Funds?”
Shriram Subramanian, Founder & MD, InGovern Research Services, ने कहा:
“देश के सबसे बड़े insurer के investment decisions को politicise करना investors और economy दोनों के लिए हानिकारक है। जब foreign investors भारतीय कंपनियों में निवेश कर मुनाफा कमा सकते हैं, तो LIC क्यों नहीं?”
उन्होंने जोड़ा कि ऐसी रिपोर्ट्स domestic institutions की credibility को कमजोर करने की कोशिश करती हैं।
🌏 What Triggered the Debate
एक US-based media outlet ने हाल में दावा किया कि भारत सरकार ने LIC को Adani Group में $3.9 billion (करीब ₹32,000 करोड़) निवेश करने के लिए “pressure” डाला था, जिसमें मई 2025 में ₹5,000 करोड़ का निवेश भी शामिल था।
Experts का कहना है कि विदेशी निवेशक लगातार भारतीय infrastructure कंपनियों से मुनाफा कमा रहे हैं, इसलिए केवल LIC पर सवाल उठाना “selective और politically loaded” कदम है।
🗣️ Tehseen Poonawalla Slams Narrative
राजनीतिक विश्लेषक Tehseen Poonawalla ने कहा:
“Indian companies के खिलाफ ये ‘hit-and-run’ campaigns बार-बार हो रहे हैं। पहले भी ऐसे short-selling reports आए जो बाद में गलत साबित हुए। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।”
उन्होंने बताया कि LIC के पास ₹57 लाख करोड़ की assets हैं, जिनमें से ₹14.5 लाख करोड़ equities में हैं, और Adani Group में इसकी exposure केवल ₹56,000 करोड़ (1% से कम) है।
“LIC ने Adani Group से नुकसान नहीं, बल्कि मुनाफा कमाया है,” उन्होंने कहा।
🏦 LIC’s Official Response
LIC ने The Washington Post की रिपोर्ट को “false, baseless and far from the truth” बताते हुए सख्त खंडन जारी किया है।
📈 Bottom Line
Experts का मानना है कि यह रिपोर्ट न केवल LIC और Adani Group बल्कि भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को भी प्रभावित करने की कोशिश है — और इसका timing राजनीतिक रूप से रणनीतिक दिखता है।
➡️ Verdict: “Pre-poll propaganda can’t derail India’s financial confidence.

