बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर JECRC में चल रहें तीन दिवसीय टेक्नो-कल्चरल एनुअल फेस्ट ऱेनेसेन्स 2025 का शनिवार को समापन हुआ। ह्यूमन-एआई थीम पर हुए इस इवेंट के अंतिम दिन इंडियन रैपर पैराडॉक्स ने शिरकत की, जिनके जानदार परफॉर्मेंस पर जेईसीआरसी संग पूरा जयपुर झूम उठा। फेस्ट में कुल 60 इवेंट्स का आयोजन हुआ, जिसमें विजेताओं को 10 लाख से अधिक के प्राइज वितरित किए गईं। वहीं इस वर्ष रेनेसां में, विमुक्ति संस्था की छात्राओं ने अपने हाथों से बने आर्टिफैक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई, जिससे उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला। साथ ही, मंच पर उनकी शानदार प्रस्तुतियों ने सभी को प्रभावित किया—12 छात्राओं ने समूह नृत्य किया, जबकि एक छात्रा ने फुटलूज़ सोलो डांस प्रतियोगिता में भाग लिया।
लगभग 40 बालिकाओं की भागीदारी ने यह साबित किया कि जब लड़कियों को सही मंच मिलता है, तो वे अपनी पहचान बनाकर समाज में बदलाव ला सकती हैं। विमुक्ति संस्था का यह प्रयास नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। विमुक्ति संस्था वंचित बालिकाओं को नि:शुल्क शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। बता दे की फेस्ट के पहले एवं दूसरे दिन डीजे हिमानी और डीजे बैंड ड्रीमनोट इसका हिस्सा बन चुके हैं, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से कैंपस में समा बांधने का कार्य किया था। तीन दिन 6 से 8 मार्च तक चले इस बेहद भव्य और विशाल फेस्ट में 97 कॉलेजों के 5000+ बच्चों ने भाग लिया। इन तीन दिनों के दरमियां कैंपस में 10000+ बच्चों की मौजूदगी देखी गईं, जो की ऱेनेसेन्स को राजस्थान के मशहूर और सबसे बड़े टेक्नो-कल्चरल फेस्ट्स में से एक बनाता हैं। कल्चरल इवेंट काव्य में प्रतिभागियों ने अपने विचारों को काव्य की सभ्यता से शब्दों में पिरो कर कला की उत्कृष्टता का प्रमाण दिया।इवेंट फ्लिक के जरिए प्रतिभागियों की डायरेक्शन कला को परखा गया। कल्चरल इवेंट शोर बाजार में नाटक के माध्यम से प्रतिभागियों ने सामाजिक मुद्दे उठाए। इसके अतिरिक्त टेक्निकल इवेंट रोबो टग ऑफ वार का दर्शकों में क्रेज देखने को मिला, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने बनाए हुए रोबोट्स से प्रतिद्वंदिता दिखाई।
अंतिम दिन बाकी दिनों के मुक़ाबले अधिक धूमधाम और उत्साह देखने को मिला, जहाँ 21 से अधिक इवेंट्स का आयोजन किया गया। इसमें बैग बोरो स्टील, वर्चुअल विजन, टेक्नोक्रेजी, बूटस्ट्रैपिंग, सिचुएशनल क्यू, ब्रेन क्वेस्ट, गेम ऑफ ड्रोंस और ट्रेजर हंट जैसे इवेंट्स का आयोजन शामिल हैं। एसडीओ प्रांशु शर्मा ने बताया कि 102 कोर मेंबर, 106 वॉलंटियर, 88 कोऑर्डिनेटर 2 महीनों से दिन-रात मेहनत कर रहें है, जो निश्चित रूप से इन 3 दिनों में झलकी हैं। फेस्ट की सफलता का पहला श्रेय हमारे इन झुझारू छात्रों को जाता है । स्टूडेंट डेवलपमेंट ऑफिसर प्रांशु शर्मा और मोहक खंडुजा ने बताया कि इस तरह के फेस्ट विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। जब छात्र अपने सहज दायरे से बाहर निकलकर इन गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो वे टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन जैसी जीवन कौशल सीखते हैं।

