बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर JECRC University को भारत सरकार के नीति आयोग के अंतर्गत संचालित अटल इनोवेशन मिशन (AIM) द्वारा ‘Mentor India Academy’ के रूप में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देशभर में नवाचार को प्रोत्साहन देने हेतु अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल स्कूल्स) के लिए एक सशक्त गाइडेंस सिस्टम स्थापित करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
Mentor India Academy का शुभारंभ 9 मई, 2025 को JECRC University में किया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से दीपाली उपाध्याय (प्रोग्राम लीड) और रिद्धि जैन (इनोवेशन लीड) ने अपनी प्रतिष्ठित उपस्थिति से कार्यक्रम का आगाज़ किया। अटल टिंकरिंग लैब्स देश के स्कूली छात्रों को ‘भविष्य के कौशल’ अनुभव करने हेतु एक ऐसा मंच प्रदान करती हैं, जहाँ वे प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के माध्यम से इनोवेशन कर पाए। टिंकरिंग भारत में एक नई सोच है, और इसके लिए निरंतर मार्गदर्शिका और एक्सपर्ट्स का पार्टिसिपेशन महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से एआईएम द्वारा देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों को मेंटर इंडिया अकेडमी के रूप में जोड़ा जा रहा है, जिसमें जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी को यह पद प्राप्त हुआ है। राजस्थान में 511 अटल टिंकरिंग लैब्स चल रही हैं, जो बच्चों को नई तकनीक और इनोवेशन सिखाने का काम कर रही हैं।यह पहल स्टूडेंट्स में नवाचार और एंटरप्रेन्योरशिप की भावना को मजबूती देने एवं आत्मनिर्भर भारत के कॉन्सेप्ट को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।JECRC University अपने अनुभव, फैकल्टी, इफेक्टिव मेंटरिंग, स्टेट-ऑफ-द–आर्ट लेबोरेट्रीज और विभिन्न विषयों के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की टैक्निकल एक्सपर्टाइज के माध्यम से स्कूली छात्रों को मल्टीडाइमेंशनल निर्देशन प्रदान करेगा। यह सहयोग एक लॉन्ग टर्म, सस्टेनेबल एवं रिज़ल्ट ओरिएंटेड इनोवेशन एन्वायरमेंट के निर्माण में सहायक होगा।
JECRC University के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा कि नवाचार अकेले नहीं होता, इसके लिए सहयोग, दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी है। फर्स्ट मेंटर इंडिया एकेडमी बनने पर नीति आयोग और अटल इनोवेशन मिशन के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा संस्थानों में मजबूत इनोवेटिव इकोसिस्टम बनाएगी। जेईसीआरसी एटीएल स्कूलों, प्राचार्यों और छात्रों के साथ जुडक़र सफलता की कहानियां साझा करेगा और कॉर्पोरेट्स के साथ मिलकर स्थायी प्रभाव डालेगा। यह यात्रा केवल स्किल नहीं, सोच को तैयार करने और लॉन्ग टर्म ट्रांसफॉर्मेशन का संकल्प है। एआईएम, नीति आयोग की प्रोग्राम लीड, दीपाली उपाध्याय ने कहा कि, अटल टिंकरिंग लैब्स को नवाचार के लिए एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ छात्र, स्कूल, उद्योग और समुदाय मिलकर सीखें और आगे बढ़ें। यह सिर्फ एक शिक्षा योजना नहीं, बल्कि बच्चों के अनुभव से सीखने और नए विचारों पर काम करने का मौका है। जेईसीआरसी इस पहल में सक्रिय रूप से जुड़ा है और अपनी मेहनत से इसे देशभर के लिए एक मिसाल बना रहा है। राजस्थान भी अटल टिंकरिंग लैब मैराथन में सबसे आगे रहने वाले राज्यों में से है, और छात्रों की भागीदारी से इसमें अपार संभावनाएं होंगी।
AIM, नीति आयोग की इनोवेशन लीड, रिद्धि जैन ने इस प्रोजट के अंतर्गत आने वाले हर प्रोग्राम के सूचना दी जिसमें छात्र इंटर्नशिप कार्यक्रम, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर हैंड्स-ऑन सेशंस, शिक्षक एवं छात्र क्षमता निर्माण कार्यशालां, नवाचार शोकेस इवेंट्स, एटीएल इनोवेशन हैकाथॉन व ‘अनबॉक्स टिंकरिंग’ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होती हैं।

