New Delhi,
भारत का प्लास्टिक उद्योग वर्ष 2030 तक 44.5 Billion Dollar के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। एक रिपोर्ट के अनुसार यह उद्योग 11 प्रतिशत की वार्षिक संयोजित वृद्धि दर से आगे बढ़ेगा। साथ ही, प्लास्टिक निर्यात वर्ष 2025 में लगभग 10 Billion Dollar से बढ़कर वर्ष 2027 तक 20 Billion Dollar तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2025 में 26.5 Billion Dollar मूल्य वाला यह उद्योग बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों और उपभोक्ता मांग में तेजी के कारण मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग उद्योग को गति दे रही है। प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामथ ने कहा कि कुल बाजार में पैकेजिंग की हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है। ई-कॉमर्स के तेजी से विस्तार ने पैकेजिंग की मांग को मजबूत किया है, जिससे आधुनिक व्यापार व्यवस्था में प्लास्टिक उद्योग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
‘PLASTINDIA 2026’ को दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी बताया जा रहा है। यह आयोजन 5 February से 10 February तक भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसे भारत का पहला 100 प्रतिशत शून्य-अपशिष्ट एक्सपो भी कहा जा रहा है। इस कार्यक्रम में 2,000 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे और 6 लाख से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की संभावना है। यहां भारतीय प्लास्टिक उद्योग की क्षमता, मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी में प्लास्टिक फिल्म, औद्योगिक पुर्जे और विशेष पॉलिमर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी भागीदारों से जोड़कर निर्यात को और बढ़ावा देना तथा भारत को वैश्विक प्लास्टिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना है। इस उद्योग आयोजन में CEO Conclave, Reverse Buyer Seller Meet और Startup Search Initiative जैसे विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। यह पहल IIM Calcutta Innovation Park के सहयोग से की जा रही है।
‘PLASTINDIA 2026’ में 20,000 Sq Ft का Open Air Museum भी स्थापित किया जाएगा, जो भारत में अपनी तरह की पहली पहल होगी। इसमें ऊंची कलात्मक संरचनाओं, इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशन और विषय आधारित जोन के माध्यम से प्लास्टिक के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग को प्रदर्शित किया जाएगा। नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी के अध्यक्ष आलोक तिबरेवाला ने कहा कि यह प्रदर्शनी नवाचार, स्थिरता और डिजिटल परिवर्तन को पूरी प्लास्टिक मूल्य श्रृंखला में प्रदर्शित करेगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि भारतीय निर्माता वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

