नई दिल्ली,
विमान निर्माण, आपूर्ति शृंखला, रखरखाव सेवाओं और पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से वैश्विक एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर और अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन विमान तंत्र विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के तहत दोनों कंपनियां भारत में असेंबली लाइन स्थापित करने की दिशा में कार्य करेंगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्वदेशीकरण बढ़ाया जाएगा, जिससे भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान कार्यक्रम को गति मिलेगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान और उड़ान क्षेत्रीय संपर्क योजना के अनुरूप होगी।
एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्जन मेइजर ने कहा कि भारत एम्ब्रेयर के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। इस साझेदारी के माध्यम से एम्ब्रेयर की विमान इंजीनियरिंग और निर्माण विशेषज्ञता को अडानी समूह की औद्योगिक क्षमता और स्वदेशीकरण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां मिलकर भारत की क्षेत्रीय परिवहन विमान आवश्यकताओं के लिए व्यवहारिक, उन्नत और प्रभावी समाधान तलाशेंगी। यह संभावित साझेदारी एम्ब्रेयर के गहन इंजीनियरिंग अनुभव और विमान निर्माण कौशल को अडानी की व्यापक विमानन अवसंरचना से जोड़ेगी। अडानी समूह पहले से ही हवाई अड्डा अवसंरचना, एयरोस्पेस निर्माण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सेवाएं तथा पायलट प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है।
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने कहा कि क्षेत्रीय विमानन आर्थिक विस्तार की रीढ़ है। उड़ान योजना के माध्यम से टियर 2 और टियर 3 शहरों में हवाई संपर्क बढ़ा है, जिससे स्वदेशी क्षेत्रीय विमानन तंत्र की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह साझेदारी भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। एम्ब्रेयर का भारत में लंबे समय से संचालन रहा है। वर्तमान में देश में एम्ब्रेयर के लगभग 50 विमान और 11 प्रकार के विमान वाणिज्यिक, रक्षा और व्यावसायिक विमानन क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
प्रस्तावित तंत्र का उद्देश्य घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग, निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहयोगी सेवाओं में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित करना है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष राजवंशी ने कहा कि यह पहल भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान तंत्र को मजबूत करेगी, उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करेगी और वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग में भारत की स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस देश की सबसे बड़ी एकीकृत निजी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी है, जो विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण क्षमताओं का निर्माण कर रही है। कंपनी स्वदेशी एयरोस्पेस और मानवरहित हवाई प्रणालियों के निर्माण को राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं और वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ा रही है। देश के सबसे बड़े रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल तंत्र तथा तेजी से विस्तार कर रहे पायलट प्रशिक्षण मंच के माध्यम से अडानी समूह भारत की विमानन मूल्य शृंखला को सुदृढ़ कर रहा है।

