Sunday, June 28, 2026 |
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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9 अरब डॉलर उछला

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच राहतभरी खबर

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/ नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 9 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आर्थिक मोर्चे पर मजबूती का संकेत मिला है। आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया है कि 3 अप्रैल को खत्म सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.063 अरब डॉलर की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही कुल भंडार बढक़र 697.121 अरब डॉलर हो गया।

पिछले सप्ताह 10.288 अरब डॉलर हो गया था कम
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह 27 मार्च को विदेशी मुद्रा भंडार 10.288 अरब डॉलर घटकर 688.058 अरब डॉलर रह गया था। गौरतलब है कि 27 फरवरी को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण लगातार कई सप्ताहों तक भंडार में गिरावट देखी गई।

आरबीआई ने उठाए थे ये कदम
पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद रुपए पर दबाव बढ़ा था। आरबीआई ने इस दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया और रुपए की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए कई नीतिगत कदम भी उठाए। इस सप्ताह भंडार में हुई मजबूत वृद्धि रुपए की स्थिरता और आरबीआई के सक्रिय हस्तक्षेप को दर्शाती है।

विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व
विदेशी मुद्रा भंडार ऐसी संपत्तियां होती हैं, जो किसी विदेशी मुद्रा में होती हैं और जिन्हें किसी देश का केंद्रीय बैंक अपने पास रखता है। इन भंडारों का उपयोग देनदारियों को पूरा करने और मौद्रिक नीति को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। विदेशी मुद्रा भंडार में बैंकनोट, जमा राशियां, बॉन्ड, ट्रेजरी बिल और अन्य सरकारी प्रतिभूतियां शामिल हो सकती हैं। ये मुख्य रूप से केंद्र सरकार के लिए बैकअप फंड के रूप में काम करते हैं, अगर उसकी मुद्रा का मूल्य गिर जाए या वह दिवालिया हो जाए। इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती का होता आकलन
बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढऩे से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।



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