नई दिल्ली,
केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जैसे-जैसे electronics component manufacturing भारत में मजबूत हो रही है, इस sector की growth से हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने Electronics Components Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत पहले चरण में सात प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनकी कुल लागत ₹5,500 करोड़ से अधिक है। यह कदम भारत की electronics value chain को और गहराई देने की दिशा में एक बड़ा signal है।
📱 Minister’s Statement on X (Twitter):
वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा —
“Smartphone exports ने सितंबर 2025 में USD 1.8 billion का नया रिकॉर्ड बनाया है। Electronics items अब भारत के third largest exported goods बन गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि electronics manufacturing की growth से हजारों नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
📈 Sector Growth Story:
पिछले कुछ वर्षों में भारत का electronics sector तेज़ी से बढ़ा है और FY2024–25 में यह देश का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता export category बन गया है।
ECMS इस momentum को और आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है ताकि भारत advanced electronics manufacturing में global leader बन सके।
⚙️ Scheme Highlights:
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Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) की घोषणा 8 अप्रैल को हुई थी।
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इसका मकसद है भारत की electronics industry को global value chains से जोड़ना और देश में ही essential components, sub-assemblies और raw materials का production बढ़ाना।
💰 Massive Investment & Production Outlook:
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30 सितंबर तक scheme के तहत investment commitments ₹1.15 लाख करोड़ तक पहुंच चुके हैं — जो original target ₹59,350 करोड़ से लगभग दोगुना है।
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आने वाले छह वर्षों में ₹10.35 लाख करोड़ की production होने की उम्मीद है — जो initial estimate से 2.2 गुना ज्यादा है।
📦 Export Boost:
भारत के smartphone exports सितंबर में $1.8 billion तक पहुंच गए — जो पिछले साल की तुलना में 95% से ज्यादा की साल-दर-साल बढ़त (YoY growth) को दर्शाता है।

