Saturday, February 14, 2026 |
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भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट

AI से जुड़ी आशंकाओं का असर

by Business Remedies
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Indian stock market screen showing Nifty and Sensex weekly decline

मुंबई,

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांकों में इस सप्ताह लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों की कमजोरी और सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में तेज गिरावट के कारण बाजार दबाव में रहा। अमेरिका के शेयर बाजार में एआई से जुड़ी आशंकाओं के चलते आई गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।

निफ्टी इस सप्ताह 0.87 प्रतिशत गिरा और अंतिम कारोबारी दिन 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स शुक्रवार को 1,048 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में सेंसेक्स में 1.14 प्रतिशत की कमजोरी रही। क्षेत्रवार प्रदर्शन नकारात्मक रहा और अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मेटल सबसे कमजोर रहा, जिसमें 3.3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद रियल्टी क्षेत्र 2.2 प्रतिशत और एफएमसीजी क्षेत्र 1.9 प्रतिशत नीचे रहा।

निफ्टी आईटी सूचकांक 10 महीने के निचले स्तर तक फिसल गया, हालांकि दिन के निचले स्तर से कुछ चुनिंदा खरीदारी के चलते यह 1.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि तेज़ी से बढ़ती एआई तकनीक पारंपरिक सेवा मॉडल को प्रभावित कर सकती है और भविष्य की आय पर असर डाल सकती है। अमेरिकी जनवरी रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे, जिससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती नहीं कर सकता। इसके चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ। साथ ही मीडिया रिपोर्टों में यह संकेत मिला कि रूस, अमेरिका के साथ संभावित आर्थिक समझौते के तहत डॉलर निपटान प्रणाली में दोबारा शामिल होने पर विचार कर सकता है। इससे कीमती धातुओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

विश्लेषकों के अनुसार यदि निफ्टी 25,400 के स्तर से नीचे टूटता है तो यह 25,100 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं ऊपर की ओर 25,700 से 26,000 का दायरा मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र के रूप में काम कर सकता है। बड़े सूचकांकों की तुलना में व्यापक सूचकांकों का प्रदर्शन अलग रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में केवल 0.11 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.56 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार सहभागियों का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी के अलावा एफएमसीजी और रियल्टी क्षेत्रों में भी आगे और गिरावट की आशंका बनी हुई है। हालांकि बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और चुनिंदा धातु शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। आगे की दिशा के लिए निवेशकों का ध्यान वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर रहेगा। तिमाही नतीजों का दौर समाप्ति की ओर है, ऐसे में भू-राजनीतिक परिस्थितियां और नई दिल्ली में अगले सप्ताह आयोजित होने वाला ‘India AI Impact Summit’ निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत प्रदान कर सकता है।



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