मुंबई,
आज के Stock Market Update में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर 90.29 पर कारोबार करता दिखा, जो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद निवेशकों में सकारात्मक भावना के कारण हुआ। इस समझौते के प्रभाव से विदेशी निवेश में वृद्धि की उम्मीद अधिभार बनी। भारतीय रुपये का यह उछाल पिछले बंद भाव 91.53 के मुकाबले आया, जिससे पिछले सत्र में रुपये को 48 पैसे का लाभ हुआ और यह दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा स्पॉट बाजार में हस्तक्षेप की खबरों ने भी बाजार को समर्थन प्रदान किया।
विश्लेषकों का कहना है कि शुरुआती तेजी के बाद रुपये का जो स्तर 90.20 से 91.20 के बीच बन गया है, वह एक तकनीकी समायोजन की प्रक्रिया का हिस्सा है और यह संकेत देता है कि बाजार ने पिछले स्तरों से सुधार देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि रुपये का स्तर 90.50 से 90.80 के बीच टूटता है तो यह और मजबूत स्तरों की ओर जा सकता है। कुछ बाजार विश्लेषकों ने बताया कि कमजोर डॉलर-रुपया जोड़ी सोने और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं के बाजार में तेजी की upside को सीमित कर रही है, हालांकि मध्यम अवधि की प्रवृत्ति इन धातुओं के लिए सहायक बनी हुई है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी टैरिफ को भारतीय वस्तुओं पर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, जिससे निर्यातकों को लाभ मिलने और विदेशी पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भारतीय इक्विटी और डेट मार्केट में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। विश्लेषक यह भी कहते हैं कि यह समझौता मुद्रास्फीति, वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों जैसे वैश्विक कारकों के बीच एक सकारात्मक गति प्रदान कर सकता है, लेकिन RBI की आगामी नीतियों पर भी नजरें टिकी रहेंगी।

