India-US Trade Deal के अनुसार अमेरिका और भारत ने एक बड़ा व्यापार समझौता किया है, जिसमें अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लेवियों को घटाकर अब कुल मिलाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले यह अलग-अलग शुल्क मिलाकर लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती थी। इस नई व्यवस्था से भारतीय निर्यातक उद्योगों को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की संभावना है।
इस समझौते के तहत तकनीकी हार्डवेयर, जैसे लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, तथा उपभोक्ता वस्तुएँ कम महंगी होने की दिशा में जा सकती हैं। कृषि संबंधी उत्पाद जैसे दालें, डेयरी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ पर भी आयात शुल्क में कटौती होने से इनकी कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वस्त्र, ज्वेलरी तथा औद्योगिक और इंजीनियरिंग वस्तुओं जैसे इस्पात और रासायनिक वस्तुओं को भी बेहतर बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ ऐसे सामान जैसे इस्पात, एल्युमीनियम तथा तांबा अभी भी उच्च शुल्क के दायरे में रह सकते हैं।
आधिकारिक स्रोतों के अनुसार भारत ने अमेरिका से रूसी तेल की खरीद घटाने तथा अमेरिकी ऊर्जा और कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस समझौते से भारतीय मुद्रा मजबूत हुई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे बाज़ार संकेतों में सुधार देखा गया। सरकार ने कहा है कि अभी पूरी शर्तों और नियमों के बारे में विस्तृत विवरण जारी होना बाकी है, लेकिन इस समझौते से घरेलू उद्योगों को निर्यात में लाभ मिलने की संभावनाएं उज्जवल दिख रही हैं।

