नई दिल्ली (IANS): एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रमुख कंपनियों का पूंजीगत व्यय (Capex) अगले पांच वर्षों में दोगुना होकर $800 अरब तक पहुंच सकता है।
यह उछाल मजबूत मुनाफे, बढ़ती आय और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश से प्रेरित होगा। रिपोर्ट ने कहा कि भारत की ग्रोथ ट्रेजेक्टरी 2000 के दशक में चीन के कॉरपोरेट विस्तार जैसी हो सकती है।
📊 मुख्य बिंदु:
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FY26–FY30 के बीच कुल कैपेक्स $800 अरब तक पहुंचने का अनुमान।
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FY31–FY35 के बीच R&D और टेक इनोवेशन में $1 ट्रिलियन का संभावित निवेश।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, राजनीतिक स्थिरता और मजबूत बैलेंस शीट्स से कंपनियों की विस्तार योजनाओं को बल।
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सरकारी नीतियां — आत्मनिर्भरता, निर्यात वृद्धि और सप्लाई-चेन विकास — निवेश माहौल को सहारा दे रही हैं।
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S&P के अनुसार, भारतीय कंपनियों को कड़े वित्तीय हालात का सामना करना पड़ेगा, लेकिन इससे वे अत्यधिक ऋण संचय (over-leverage) से बच सकेंगी।
💬 विश्लेषक दृष्टिकोण:
“भारत का औद्योगिक और सप्लाई-चेन बेस गहराता जा रहा है, जिससे विकास की गति मजबूत बनी रहेगी,”
— नील गोपालकृष्णन, क्रेडिट एनालिस्ट, S&P Global Ratings.60

