Saturday, August 8, 2026 |
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भारत के कपड़ा निर्यात में उछाल

परिधान निर्यात 3.25 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात (हस्तशिल्प सहित) 2023-24 के 2,97,004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 3,25,339 करोड़ रुपए हो गया। इस अवधि में निर्यात में 4.7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई। यह जानकारी मंगलवार को संसद में दी गई।

अमरीका, बांग्लादेश, UAE, Britain और Germany रहे शीर्ष निर्यात गंतव्य

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कपड़ा राज्य मंत्री Pabitra Margherita ने बताया कि इस दौरान America, Bangladesh, United Arab Emirates (UAE), Britain और Germany भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यात के शीर्ष पांच गंतव्य रहे हैं। वहीं, 2025-26 में 2024-25 की तुलना में 100 से अधिक देशों को होने वाले निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई।

सरकार कर रही निर्यात की नियमित निगरानी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भारत के कपड़ा और परिधान निर्यात की नियमित निगरानी कर रही है तथा निर्यातकों और उद्योग सहित सभी हितधारकों के साथ मिलकर चुनौतियों के प्रभाव को कम करने और उत्पादन व निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग को बढ़ावा देने के साथ इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने के लिए कई योजनाएं और पहल लागू कर रही है, जिनका सकारात्मक असर निर्यात वृद्धि के रूप में दिखाई दे रहा है।

कपड़ा के क्षेत्र में चल रही कई योजनाएं

प्रमुख योजनाओं में PM Mega Integrated Textile Region and Apparel (PM MITRA) पार्क योजना, Production Linked Incentive (PLI) योजना, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन, समर्थ (टेक्सटाइल क्षेत्र में क्षमता निर्माण योजना), सिल्क समग्र-2, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम, समग्र हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना, RoSCTL, RoDTEP, निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM) और निर्यातकों के लिए Credit Guarantee Scheme for Exporters (CGSE) शामिल हैं।

सरकार ने शामिल किए 40 प्राथमिकता वाले देश

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने 40 प्राथमिकता वाले देशों को शामिल करते हुए निर्यात प्रोत्साहन और बाजार विविधीकरण की रणनीति भी अपनाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 16 Free Trade Agreements (FTA) लागू हैं, जिनमें India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) भी शामिल है। वहीं, European Union (EU) और New Zealand के साथ संपन्न FTA भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को निर्यात बढ़ाने और नए बाजारों में विस्तार का अवसर प्रदान करेंगे। इसके अलावा, West Asia/Middle East संघर्ष और Gulf क्षेत्र में समुद्री परिवहन संबंधी चुनौतियों से प्रभावित निर्यातकों को सहायता देने के लिए सरकार ने 19 मार्च 2026 को निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत रिलीफ पहल शुरू की।

सरकार ने Mission for Cotton Productivity को दी मंजूरी

सरकार ने टेक्सटाइल और परिधान उत्पादन के लिए कच्चे माल की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक कपास के आयात पर सीमा शुल्क को अस्थायी रूप से माफ कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए Mission for Cotton Productivity को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य कपास क्षेत्र की प्रमुख बाधाओं को दूर करना, उत्पादकता बढ़ाना और गुणवत्ता संबंधी समस्याओं का समाधान करना है।



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