नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | देश में डिजिटल कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार जून 2026 के अंत तक भारत में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.348 अरब हो गई। ब्रॉडबैंड और वायरलेस सेवाओं में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 5G आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) सेवाओं का विस्तार तेज रहा। निजी टेलीकॉम कंपनियों ने बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा और मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के जरिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने ऑपरेटर बदले।
टेलीकॉम ग्राहकों में लगातार बढ़ोतरी जारी
जून के अंत तक देश में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1.343 अरब से बढ़कर 1.348 अरब हो गई। इसके साथ ही टेली-डेंसिटी भी बढ़कर 94.31 प्रतिशत पहुंच गई। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नए ग्राहकों के जुड़ने से दूरसंचार सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
ब्रॉडबैंड ने पार किया नया मुकाम
ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या जून के अंत तक बढ़कर 1.087 अरब हो गई। यह मासिक आधार पर 0.68 प्रतिशत की वृद्धि है। देशभर में हाई-स्पीड इंटरनेट की बढ़ती मांग, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और ओटीटी सेवाओं के विस्तार से ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगातार बढ़ रहे हैं।
वायरलेस और 5G सेवाओं को मिला बढ़ावा
मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) सहित कुल वायरलेस ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.300 अरब हो गई। वहीं केवल मोबाइल वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.282 अरब तक पहुंच गई। 5G एफडब्ल्यूए ग्राहकों की संख्या भी बढ़कर 12.94 मिलियन हो गई, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं का विस्तार और तेज हुआ है।
निजी कंपनियों का बाजार पर कब्जा
वायरलेस मोबाइल सेवा बाजार में निजी टेलीकॉम कंपनियों की हिस्सेदारी 92.73 प्रतिशत रही, जबकि BSNL और MTNL की संयुक्त हिस्सेदारी 7.27 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि निजी कंपनियां नेटवर्क विस्तार और नई सेवाओं के दम पर बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।
एमएनपी और सक्रिय यूजर्स में भी मजबूती
जून के दौरान 14.78 मिलियन उपभोक्ताओं ने मोबाइल नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदलने के लिए आवेदन किया। वहीं VLR के आधार पर सक्रिय वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.201 अरब रही, जो मोबाइल सेवाओं के व्यापक उपयोग और उपभोक्ताओं की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

