G20 बैठक में भारत की भूमिका
अमेरिका के G20 अध्यक्ष पद के तहत आर्थिक विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दिए जाने का भारत ने समर्थन किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Asheville में आयोजित G20 Finance Ministers Meeting के दौरान IANS को दिए Exclusive Interview में कहा कि भारत और अमेरिका इन प्रमुख मुद्दों पर एक समान सोच रखते हैं।
विकास को बताया केंद्रीय मुद्दा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी अध्यक्षता ने Growth को अपनी प्राथमिकता बनाया है और वैश्विक असंतुलन को एक बड़ी चिंता के रूप में सामने रखा है। उन्होंने कहा कि G20 के Financial Track में विकास एक केंद्रीय विषय है और वैश्विक आर्थिक असंतुलन को दूर करने के लिए खुले एवं निष्पक्ष संवाद की जरूरत है।
वित्तीय साक्षरता पर साझा सहमति
वित्त मंत्री ने बताया कि अमेरिका ने Financial Literacy को भी विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अमेरिकी Treasury Secretary Scott Bessent के लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण है और भारत भी इस दिशा में पूरी तरह अमेरिका के साथ है।
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता सकारात्मक रही
सीतारमण ने बताया कि उनकी Scott Bessent के साथ सकारात्मक और रचनात्मक Bilateral Meeting हुई। हालांकि उन्होंने बैठक के विशेष विवरण साझा नहीं किए, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था में Growth को बढ़ावा देने और असंतुलन दूर करने को लेकर व्यापक सहमति है।
कई देशों के साथ हुई अहम बैठकें
G20 सम्मेलन के दौरान वित्त मंत्री ने Poland, Qatar, South Korea और Russia के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि सभी देश भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं। South Korea और Qatar के साथ आने वाले समय में आर्थिक संवाद भी आयोजित किए जाएंगे।
भारत की आर्थिक मजबूती पर जोर
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की आर्थिक Growth 7.8 प्रतिशत रही है। Manufacturing Sector में 9.2 प्रतिशत और Financial एवं Professional Services Sector में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण बताया।
विदेश दौरे का अगला चरण
G20 बैठक से पहले वित्त मंत्री ने Canada और Chicago में विभिन्न आर्थिक बैठकों में हिस्सा लिया। Asheville में कार्यक्रम पूरे करने के बाद वह New York जाएंगी, जहां भारतीय बाजार में निवेश करने के इच्छुक Investors के साथ बातचीत करेंगी।

