बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (IANS)। भारत के smartphone market में वर्ष 2025 में संख्या (volume) के हिसाब से साल-दर-साल सिर्फ 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन कीमत (value) के मामले में 8 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि उपभोक्ता अब ज्यादा महंगे और premium smartphones की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। Counterpoint Research की report में कहा गया है कि भारत में भेजे गए हर पांच में से एक smartphone अब premium segment का है।
इस दौरान Apple ने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा value share दर्ज की। report के अनुसार, 2025 में volume के लिहाज से iQOO को छोड़कर Vivo 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में सबसे आगे रहा। वहीं, Apple ने 28 प्रतिशत value share के साथ पहला स्थान हासिल किया और iPhone 16 सबसे ज्यादा shipped होने वाला model बना। वहीं Samsung volume के मामले में दूसरे नंबर पर रहा। कंपनी ने mass segment और premium दोनों तरह के smartphones पर फोकस किया। premium phones की बढ़ती मांग के कारण Galaxy S series की हिस्सेदारी Samsung के कुल shipment में अब तक की सबसे ज्यादा रही।
2025 में Motorola volume के हिसाब से सबसे तेजी से बढ़ने वाला brand रहा, जिसकी सालाना growth 54 प्रतिशत रही। वहीं CMF सबसे तेजी से बढ़ने वाला sub-brand रहा, जिसकी growth 83 प्रतिशत दर्ज की गई।
Counterpoint Research के Research Director Tarun Pathak ने कहा कि 2025 में भारत की economic condition स्थिर और मजबूत रही। घरेलू demand अच्छी रही, inflation काबू में रहा और repo rate में कटौती से उपभोक्ताओं के लिए spending आसान हुई। उन्होंने बताया कि brands ने इस मौके का फायदा उठाते हुए अपने premium smartphone portfolio को मजबूत किया। बेहतर camera, खासकर portrait photography और flagship-level features पर जोर दिया गया। साथ ही आसान finance options ने भी smartphone खरीद को आसान बनाया।
साल 2025 में smartphone market की चाल मिली-जुली रही। साल की शुरुआत में high inventory और limited launches के कारण sales धीमी रहीं। लेकिन दूसरी तिमाही से नए launches, attractive offers और festive season की वजह से demand में तेजी आई, जिससे तीसरी तिमाही में record value दर्ज की गई। 30,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले premium smartphones 2025 में सबसे तेजी से बढ़ने वाला segment रहे। इनकी sales में सालाना 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल shipment में इनकी हिस्सेदारी 22 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो अब तक का highest level है।

