New Delhi,
भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में Q1 2026 के दौरान मजबूती देखने को मिली है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में कुल 70,631 घरों की बिक्री दर्ज की गई, जो साल-दर-साल आधार पर 8 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण नए प्रोजेक्ट्स की बढ़ती संख्या रही, जहां कुल 90,023 यूनिट्स लॉन्च किए गए, जो 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं।
प्रमुख रियल एस्टेट सेवा कंपनी जेएलएल की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रतिष्ठित डेवलपर्स द्वारा मजबूत सप्लाई पाइपलाइन ने खरीदारों को विविध विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इससे बाजार में स्थिरता बनी रही और खरीदारों का भरोसा भी मजबूत हुआ, जिसके चलते बिक्री में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, नए लॉन्च में तिमाही आधार पर 32 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई, जिसमें बेंगलुरु और दिल्ली एनसीआर प्रमुख रहे। हालांकि, कुल बाजार की गति में हल्की नरमी भी देखी गई है, जहां बिक्री वृद्धि लॉन्च गतिविधियों की तुलना में 5 प्रतिशत कम रही। इसका कारण वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के चलते खरीदारों का सतर्क रुख माना जा रहा है।
जेएलएल के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक सिवा कृष्णन ने कहा कि बिक्री और नए लॉन्च के बीच यह अस्थायी अंतर सामान्य है और यह किसी संरचनात्मक कमजोरी का संकेत नहीं बल्कि बाजार के संतुलन का हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रीमियम आवास सेगमेंट ने बाजार की वृद्धि को आगे बढ़ाया। ₹.1 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी Q1 2026 में 71 प्रतिशत रही, जो Q1 2025 में 59 प्रतिशत थी। इस श्रेणी में साल-दर-साल 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ₹.1.5 करोड़ से ₹.3 करोड़ की श्रेणी में आने वाले घरों की मांग में 67 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो यह दर्शाता है कि खरीदार अब अधिक सुविधाजनक और बड़े घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, खासकर प्रमुख स्थानों पर।
वहीं, ₹.1 करोड़ से कम कीमत वाले घरों की मांग में 24 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस सेगमेंट की बाजार हिस्सेदारी घटकर 29 प्रतिशत रह गई, जो पहले 41 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण भूमि और निर्माण लागत में वृद्धि, शहरी क्षेत्रों में सस्ते घरों की सीमित उपलब्धता और डेवलपर्स का अधिक लाभ वाले प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करना है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन शहरों में मजबूत कॉरपोरेट उपस्थिति, बहुराष्ट्रीय कंपनियां और स्टार्टअप्स हैं, वहां रोजगार के अवसर अधिक हैं, जिससे आवासीय मांग को समर्थन मिलता है। साथ ही, निरंतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास भी इन शहरों को आकर्षक आवासीय गंतव्य बना रहा है। शहरों के प्रदर्शन की बात करें तो चेन्नई में 61 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, दिल्ली एनसीआर में 30 प्रतिशत, बेंगलुरु में 18 प्रतिशत और हैदराबाद में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

