Wednesday, July 1, 2026 |
Home Business and Economyभारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश में जोरदार बढ़त, 2025 में 59 प्रतिशत उछाल

भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश में जोरदार बढ़त, 2025 में 59 प्रतिशत उछाल

by Business Remedies
0 comments
Scenario of real estate development and investment activity in major cities of India

New Delhi,

भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निजी निवेश यानी प्राइवेट इक्विटी प्रवाह में वर्ष 2025 के दौरान बड़ी तेजी देखने को मिली है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में निवेश 59 प्रतिशत बढ़कर लगभग 6.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी के पीछे मजबूत मांग और स्थिर आर्थिक परिस्थितियां मुख्य कारण रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस तेज वृद्धि के चलते भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा, जिसका अनुमानित आकार लगभग 4.18 लाख करोड़ डॉलर आंका गया है।

महंगाई दर में कमी आने से ब्याज दरों में भी राहत मिली, जिससे निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिला। रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट के प्रमुख हिस्सों में सबसे अधिक निवेश हुआ। कार्यालय क्षेत्र में सबसे ज्यादा करीब 2.4 अरब डॉलर का निवेश आया, जो कुल निवेश का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा है। इसके बाद डाटा सेंटर और आवासीय परिसंपत्तियों में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। डिजिटल ढांचे की बढ़ती जरूरत और उच्च गुणवत्ता वाले आवास की मांग ने इन क्षेत्रों को आकर्षक बनाया है।

विदेशी निवेशकों का इस क्षेत्र में दबदबा बना रहा। कुल निवेश का लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा, यानी करीब 5.1 अरब डॉलर, विदेशी निवेशकों से आया। यह भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। भूमि में निवेश भी इस दौरान महत्वपूर्ण रहा और कुल निवेश का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा भूमि से जुड़ी परियोजनाओं में लगाया गया। विशेष रूप से मुंबई और पुणे जैसे शहरों में कार्यालय और डाटा सेंटर परियोजनाओं में बड़ी मात्रा में निवेश हुआ, जिससे इन शहरों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि निवेशकों ने तैयार और निर्माणाधीन दोनों प्रकार की परियोजनाओं में समान रूप से रुचि दिखाई। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक जहां एक ओर नियमित आय देने वाली परिसंपत्तियों पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं भविष्य की विकास संभावनाओं को भी नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं।आगे की स्थिति को लेकर रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2026 में भी निवेश गतिविधियां स्थिर बनी रहेंगी। मजबूत आर्थिक स्थिति और नीतिगत समर्थन के चलते रियल एस्टेट क्षेत्र में निरंतर निवेश बना रहेगा। कार्यालय, डाटा सेंटर और आवासीय परियोजनाओं की बढ़ती मांग आने वाले समय में उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।



You may also like

Leave a Comment