भारत और ओमान के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता गत दिनों से प्रभावी हो गया है। इससे ना केवल ओमान को बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले 3 वर्षों में भारत के निर्यात में लगभग 50 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं यह समझौता Hormuz Strait के संकट से निपटने में मददगार साबित होगा।
भारत Oman के Salalah और Duqm बंदरगाहों का उपयोग करके खाड़ी देशों, अफ्रीका और यूरोप तक आसानी से पहुंच बना सकेगा। इसके अलावा समझौते से Textile और Garment, Engineering Goods, Automobile और Auto Parts, Pharmaceuticals, Agriculture और Processed Food, Plastic और Chemicals, Gems and Jewellery, Marine Products में सबसे ज्यादा फायदा होगा।
छोटे और मझौले उद्योग-धंधों को नया बाजार मिलेगा। छोटे व्यापारियों को इससे लाभ मिल सकेगा। भारत को Oman से सस्ता तेल और उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं Oman को भारत से चावल, अनाज और अन्य आवश्यक खाद्य उत्पाद व सेवाएं मिलेंगी।
भारत ने अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें इस शुल्क-मुक्ति दायरे से बाहर रखा है। भारत Oman से मुख्यतः Crude Oil और Gas, Petrochemicals, Urea और Fertilizers, Chemicals, Mineral Products आयात करता है। FTA के बाद से कई उत्पादों पर शुल्क कम होगा, जिससे भारतीय उद्योगों को सस्ता कच्चा माल मिलेगा, उर्वरक और ऊर्जा लागत कम हो सकती है तथा Petrochemical Industry को फायदा होगा।

