Sunday, June 28, 2026 |
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भारत में office demand मजबूत, January-March तिमाही में 20 प्रतिशत की बढ़त

by Business Remedies
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Growing demand for office space and the commercial real estate landscape in India

New Delhi,

भारत के office sector में वर्ष 2026 की पहली तिमाही (January-March) के दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। नई आपूर्ति में कमी के बावजूद office space की खपत में 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो कुल मिलाकर 21.53 million square feet तक पहुंच गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है और इससे occupier demand की मजबूती साफ दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत में कंपनियों की रुचि बनी हुई है। खासकर global capability centres (जीसीसी) के तेजी से विस्तार ने इस वृद्धि को गति दी है।

आर्थिक स्थिरता से मिला सहारा

देश की मजबूत आर्थिक स्थिति, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद की स्थिर वृद्धि, नियंत्रित महंगाई और ब्याज दरों का संतुलन शामिल है, ने व्यवसायों को विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया। इसके चलते विभिन्न शहरों में office space की मांग बनी रही। हालांकि, इस अवधि में नए office space की आपूर्ति में कमी देखी गई। तिमाही आधार पर यह 36 प्रतिशत घटकर 9.7 million square feet रह गई। बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में developers ने अनिश्चितताओं के कारण सतर्क रुख अपनाया, जिससे नई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी रही।

खाली जगह में कमी, किराए में बढ़ोतरी

मजबूत मांग और सीमित आपूर्ति के कारण देश के प्रमुख office बाजारों में खाली जगह (vacancy) में कमी आई है। अखिल भारतीय स्तर पर vacancy दर घटकर 9.5 प्रतिशत रह गई, जो पिछली तिमाही में 10.8 प्रतिशत थी। इसके साथ ही office किराए में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे बाजार अब मकान मालिकों के पक्ष में जाता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत का office बाजार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बना रहा। जीसीसी के बढ़ते विस्तार ने भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। नई परियोजनाओं में धीमापन आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी समस्याओं के कारण रहा, लेकिन मजबूत मांग ने बाजार को संतुलित बनाए रखा और किराए में बढ़ोतरी को बढ़ावा दिया।

आगे की संभावनाएं

आने वाले समय में जीसीसी का विस्तार, पर्यावरण के अनुकूल office space की बढ़ती मांग और भारत की स्थिर आर्थिक स्थिति इस क्षेत्र में नई वृद्धि को गति दे सकती है। बेंगलुरु ने leasing और supply दोनों में अग्रणी स्थान बनाए रखा। यहां 4.91 million square feet office space की खपत और 4.20 million square feet नई आपूर्ति दर्ज की गई। मुंबई देश का सबसे महंगा office बाजार बना रहा, जहां औसत किराया 152.6 रुपये प्रति square feet प्रति माह तक पहुंच गया। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में नई आपूर्ति 1.40 million square feet रही, जो शीर्ष सात शहरों में सबसे अधिक 75 प्रतिशत तिमाही वृद्धि दर्शाती है।



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