नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत और Germany ने भविष्य की तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dr. Jitendra Singh ने मंगलवार को भारत दौरे पर आए Germany के Thuringia राज्य के Minister-President Mario Voigt के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
इस दौरान दोनों देशों के बीच Quantum Communication, Photonics, Quantum Satellite Communication, Space Technology, Deep-Tech Innovation और Industry-Based Research Collaboration को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि बैठक में दोनों देशों की सरकारों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और वैज्ञानिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
साझेदारी दोनों countries के संबंधों का मजबूत स्तंभ
इस दौरान मंत्री Dr. Jitendra Singh ने कहा कि भारत और Germany के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2024 में भारत-Germany विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग के 50 वर्ष पूरे हुए थे और यह साझेदारी आज दोनों देशों के संबंधों का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
बैठक में Thuringia को Europe के प्रमुख Photonics, Optics, Quantum Technology और Advanced Manufacturing Hub के रूप में मान्यता देते हुए दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और Germany की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं और इनके संयुक्त प्रयासों से वैश्विक स्तर की तकनीकें विकसित की जा सकती हैं।
भारत सुरक्षित Quantum Communication में बढ़ रहा है आगे
चर्चा के दौरान Quantum Communication, Quantum Satellite Communication, Optical Ground Station, Quantum Network और उन्नत Photonics तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
Germany की ओर से Europe में चल रही Quantum Communication और Optical Communication परियोजनाओं, विशेष रूप से EuroOGS Network की जानकारी भी साझा की गई। Dr. Jitendra Singh ने भारत के National Quantum Mission के तहत हासिल की गई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सुरक्षित Quantum Communication और संबंधित तकनीकों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दोनों देशों ने Quantum Computing, Quantum Communication, Standard Development, Talent Exchange और Technology Partnership के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
अनुसंधान और नवाचार को दिया बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने Narendra Modi के नेतृत्व में भारत में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने National Research Foundation और Industry-Based Research को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं की जानकारी दी।
भारत तीसरा सबसे बड़ा Startup Ecosystem बना
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Startup Ecosystem बन चुका है और Biotechnology, Healthcare, Artificial Intelligence (AI), Clean Energy, Semiconductor, Advanced Manufacturing और Space Technology जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अवसर उपलब्ध हैं।
नए अवसरों का होगा मार्ग प्रशस्त
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि सरकारों, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और Startups के बीच बढ़ता सहयोग भारत-Germany रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। साथ ही यह Innovation-Based Development, Technological Advancement और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

