बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की भारत यात्रा से पहले नयी दिल्ली और बर्लिन ने नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि पारिस्थितिकी और गतिशीलता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। जर्मन अधिकारियों ने कहा कि भारत के आर्थिक मामलों के विभाग और जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय के नेतृत्व में विकास नीति वार्ता में इन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास, गतिशीलता और कृषि पारिस्थितिकी के क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए हैं। भारत-जर्मनी सहयोग रणनीतिक रूप से “हरित और सतत विकास के लिए साझेदारी” पर आधारित है, जिसे 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शोल्ज के बीच वार्ता के बाद लागू किया गया था। जर्मन चांसलर अगले महीने भारत आने वाले हैं। वार्ता में जर्मन प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख बारबरा शेफर ने कहा, “जर्मनी और भारत के बीच दीर्घकालिक, भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदारी है।” उन्होंने कहा कि इस साल अपनी प्रतिबद्धताओं के साथ, जर्मनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को मजबूती से पूरा करता है

