बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बैंकों से ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (DRT) में लंबित मामलों के कुशल प्रबंधन के लिए प्रभावी निगरानी और निरीक्षण तंत्र स्थापित करने को कहा। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणों (डीआरएटी) के चेयरपर्सन और डीआरटी के पीठासीन अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने डीआरटी में अपनाई जाने वाली कुछ सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बेहतर परिणामों के लिए डीआरटी में कुछ सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सकता है। बैठक के दौरान इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि बैंकों को डीआरटी में लंबित छोटे और उच्च मूल्य के मामलों के लिए नीति को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए और सभी हितधारकों को लंबित मामलों को कम करने के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।

