New Delhi, एक नई रिपोर्ट के अनुसार January–June 2026 अवधि में लगभग 73 प्रतिशत नियोक्ता फ्रेशर्स को नौकरी देने की योजना बना रहे हैं। यह पिछले अर्धवार्षिक अवधि की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है। कंपनियां अब केवल डिग्री के बजाय वास्तविक कौशल आधारित चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही हैं। रिपोर्ट टीमलीज़ एडटेक द्वारा जारी की गई है, जिसमें बताया गया कि सबसे अधिक भर्ती की मंशा खुदरा क्षेत्र में 91 प्रतिशत रही। इसके बाद ऑनलाइन व्यापार और तकनीकी स्टार्टअप क्षेत्र 90 प्रतिशत तथा विनिर्माण क्षेत्र 85 प्रतिशत पर रहा। खुदरा क्षेत्र में डार्क स्टोर सहायक और भंडार प्रबंधन सहायक की मांग सबसे ज्यादा है। ऑनलाइन व्यापार और स्टार्टअप में डिजिटल बिक्री सहयोगी और कनिष्ठ वेब डेवलपर की मांग बनी हुई है। वहीं विनिर्माण क्षेत्र में भंडार और लॉजिस्टिक्स समन्वयक तथा बैटरी असेंबली तकनीशियन पद प्रमुख मांग में हैं। टीमलीज़ एडटेक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु रूज ने कहा कि आज वास्तविक अंतर उन उम्मीदवारों के बीच है जो अपने कौशल को व्यवहारिक रूप में दिखा सकते हैं और जो नहीं दिखा सकते।
उन्होंने बताया कि खुदरा क्षेत्र में भर्ती इरादा 41 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो 50 प्रतिशत अंक की बड़ी छलांग है। बाजार इस समय संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है और शिक्षा प्रणाली में कार्य-आधारित प्रमाण को शामिल करना जरूरी हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार जिन फ्रेशर्स के पास इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो या व्यावहारिक अनुभव है, उन्हें तेजी से नौकरी मिल रही है, जबकि केवल डिग्री रखने वालों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रा क्षेत्र में फ्रेशर भर्ती इरादा 26 प्रतिशत से बढ़कर 77 प्रतिशत हो गया है, जबकि बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में यह 22 प्रतिशत से बढ़कर 72 प्रतिशत पहुंच गया।
शहरों में भर्ती की स्थिति
भौगोलिक दृष्टि से बेंगलुरु 84 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जहां सूचना प्रौद्योगिकी 81 प्रतिशत और ऑनलाइन व्यापार व तकनीकी स्टार्टअप 90 प्रतिशत भर्ती इरादे के साथ आगे रहे।
मुंबई 72 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जहां खुदरा 91 प्रतिशत, उपभोक्ता वस्तु 80 प्रतिशत और स्वास्थ्य व औषधि क्षेत्र 52 प्रतिशत पर रहा। इंजीनियरिंग और अवसंरचना क्षेत्र में भी नई प्रतिभाओं की बड़ी मांग देखी गई, जिसमें सॉफ्टवेयर परीक्षण इंजीनियर 54 प्रतिशत और डिजिटल मार्केटिंग कार्यकारी 48 प्रतिशत प्रमुख रहे। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि बिजनेस एनालिसिस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई आधारित डिजिटल मार्केटिंग तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे प्रमाणपत्र कोर्स फ्रेशर्स की रोजगार क्षमता बढ़ा सकते हैं।

