Tuesday, July 7, 2026 |
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भारत में लचीले कार्यालय क्षेत्र में तेज़ उछाल, आठ वर्षों में आठ गुना वृद्धि

by Business Remedies
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A visual depicting the growing use of flexible office space in India

New Delhi,

भारत के लचीले कार्यालय क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में जहां वार्षिक लेन-देन 2.2 million वर्ग फुट था, वहीं वर्ष 2025 तक यह बढ़कर 18.6 million वर्ग फुट तक पहुंच गया है। यह वृद्धि देश के शीर्ष आठ शहरों में दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती मांग को दर्शाती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्र की compound annual growth rate (CAGR) लगभग 30 प्रतिशत रही है, जो कि सामान्य कार्यालय क्षेत्र की 9 प्रतिशत वृद्धि दर से काफी अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनियां अब पारंपरिक कार्यालयों की बजाय लचीले विकल्पों को अधिक प्राथमिकता दे रही हैं। वर्ष 2017 में कुल कार्यालय क्षेत्र में लचीले स्थानों की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि अब यह क्षेत्र भारत के कार्यालय ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

स्टार्टअप से आगे बढ़कर बड़े उद्यमों की पहली पसंद बना क्षेत्र

पहले यह मॉडल मुख्य रूप से स्टार्टअप कंपनियों तक सीमित था, लेकिन अब बड़े उद्यमों ने भी इसे अपनी रणनीति में शामिल कर लिया है। कुल लचीले कार्यालय स्थान के उपयोग में बड़े उद्यमों की हिस्सेदारी 72 प्रतिशत रही, जबकि छोटे और मध्यम उद्यमों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत और स्टार्टअप की 10 प्रतिशत रही। इन बड़े उद्यमों में भी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा रहा, जिनकी हिस्सेदारी 81 प्रतिशत रही। इससे यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में तेजी से अपने विस्तार के लिए लचीले कार्यालयों को अपना रही हैं। उद्योग के स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने सबसे अधिक 43 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा। इसके बाद बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत रही। अन्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है।

शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे, पुणे की पैठ सबसे अधिक

शहरों की बात करें तो बेंगलुरु इस क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र बना रहा, जहां वर्ष 2025 में 5.3 million वर्ग फुट का उपयोग दर्ज किया गया। वहीं, पुणे में 31 प्रतिशत के साथ इस क्षेत्र की पैठ सबसे अधिक रही। मुंबई महानगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में भी इस क्षेत्र की मांग लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में इस क्षेत्र की वृद्धि और तेज़ हो सकती है। इसका मुख्य कारण बड़े उद्यमों के साथ गहरा जुड़ाव, शहरों के अनुसार मांग की रणनीति और लचीले कार्यालय संचालकों का पूर्ण सेवा प्रदाता के रूप में विकसित होना होगा।



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