New Delhi,
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन की 14वीं मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान यूरोपीय संघ के व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की प्रगति की समीक्षा की गई और दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। बैठक में दोनों नेताओं ने मंत्रीस्तरीय सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और भारत-यूरोपीय संघ के बीच चल रहे मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति का आकलन किया। यह समझौता जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा घोषित किया गया था।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए नए अवसरों पर भी विचार किया गया। उन्होंने इस बातचीत को दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक बताया। इसके अलावा, पीयूष गोयल ने नाइजीरिया की उद्योग, व्यापार और निवेश मंत्री डॉ. जुमोके ओडुवोले के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा के साथ हुई बैठक में भी भारत और ब्राजील के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही भारत-मर्कोसुर वरीयता व्यापार समझौते के विस्तार पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
विश्व व्यापार संगठन की बैठक में भारत ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्वतंत्र रुख अपनाया। निवेश सुविधा समझौते को संगठन के ढांचे में शामिल करने के प्रस्ताव का भारत ने विरोध किया। पीयूष गोयल ने स्पष्ट कहा कि इस समझौते को शामिल करने से संगठन के मूल सिद्धांतों और कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सुधार एजेंडे के तहत रचनात्मक संवाद के लिए तैयार है। इस दौरान पीयूष गोयल ने कैमरून में भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत और कैमरून के बीच संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं और भविष्य में यह संबंध और मजबूत होंगे।

