New Delhi,
लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को मजबूत सहारा दिया है। पिछले सप्ताह डीआईआई ने लगभग 26,897 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का दबाव काफी हद तक संतुलित हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू निवेशकों की इस सक्रिय भागीदारी ने बाजार में गिरावट को सीमित किया और प्रमुख समर्थन स्तरों के आसपास स्थिरता बनाए रखने में मदद की। वहीं दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशक पूरे सप्ताह लगातार शुद्ध बिकवाल बने रहे। आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने करीब 24,596 करोड़ रुपये की निकासी की। इस बिकवाली के पीछे वैश्विक अनिश्चितता, बढ़ती बांड प्रतिफल दरें और अमेरिकी डॉलर की मजबूती जैसे प्रमुख कारण रहे।
हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुझान कमजोर बना हुआ है। यह स्थिति वैश्विक और व्यापक आर्थिक दबावों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। 27 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में आक्रामक बिकवाली जारी रखी। मार्च महीने में अब तक कुल निकासी 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है, जो वित्त वर्ष 26 में किसी एक महीने की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है। इसके पीछे पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुख्य कारण हैं।
इसके विपरीत, घरेलू निवेशकों ने मजबूत खरीदारी करते हुए सप्ताह भर में 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जिससे बाजार को गिरावट से बचाने में मदद मिली। आने वाले समय के लिए बाजार का दृष्टिकोण सतर्क बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक जोखिम कम नहीं होता, तब तक बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ बना रह सकता है। हालांकि मजबूत घरेलू निवेश और भू-राजनीतिक तनाव में किसी भी प्रकार की कमी बाजार को सहारा दे सकती है। ऐसे में बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
stock market update: भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक लगातार पांचवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। पूरे सप्ताह के दौरान बाजार में अस्थिरता और दबाव बना रहा। निफ्टी में सप्ताह के दौरान 1.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और अंतिम कारोबारी दिन यह 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 1,690 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583 पर बंद हुआ। सप्ताह भर में सेंसेक्स में कुल 1.27 प्रतिशत की गिरावट रही। दोनों सूचकांकों में पूरे सप्ताह उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बीच-बीच में सुधार की कोशिशें भी हुईं, लेकिन कुल मिलाकर बाजार दबाव में ही रहा।

