Data Centre सेक्टर में तेजी: भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। Cushman & Wakefield की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के दौरान देश के सात प्रमुख Data Centre बाजारों में 178 MW नई क्षमता जोड़ी गई, जिसके बाद भारत की कुल ऑपरेशनल Data Centre क्षमता बढ़कर 1,789 MW हो गई है।
2030 तक बड़ा विस्तार: रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के Data Centre सेक्टर में वर्ष 2030 तक अतिरिक्त 3,860 MW क्षमता जुड़ने का अनुमान है। इसमें करीब 509 MW क्षमता निर्माणाधीन है, जबकि 3,351 MW क्षमता योजना स्तर पर है। यह देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लंबी अवधि के निवेश भरोसे को दर्शाता है।
AI और Cloud Adoption से बढ़ी मांग: भारत में Data Centre की मांग को Hyperscale Cloud Adoption, Artificial Intelligence (AI) Deployment और Enterprise Digital Transformation से मजबूती मिल रही है। वर्तमान में देश के प्रमुख बाजारों में 33 Data Centre Providers द्वारा संचालित 147 Data Centres मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र के बढ़ते विस्तार को दिखाते हैं।
निवेश के बड़े अवसर: रिपोर्ट के अनुसार, भारत को वर्ष 2030 तक Data Centre Development के लिए करीब 29.9 अरब डॉलर की पूंजी की आवश्यकता होगी। भारत अभी भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कम पैठ वाले बाजारों में शामिल है, जहां प्रति MW ऑपरेशनल क्षमता पर करीब 8,25,333 लोगों की निर्भरता है।
Mumbai बना प्रमुख केंद्र: भारत के Data Centre Ecosystem में Mumbai सबसे महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। Mumbai में 890 MW ऑपरेशनल क्षमता मौजूद है और 1,726 MW की आगामी Supply Pipeline है। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक देश के प्रमुख बाजारों में लगभग 3.9 GW अतिरिक्त क्षमता Cloud, AI और Data-Driven Economy के अगले चरण को समर्थन देगी।

