Sunday, June 14, 2026 |
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भारत के निर्माण उपकरण उद्योग के निर्यात में वृद्धि

ICEMA Report के अनुसार वित्त वर्ष-2026 में 31.5 फीसदी की हुई बढ़ोतरी

by Business Remedies
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नई दिल्ली | BR News Network | वित्त वर्ष-2026 में भारत का Construction Equipment उद्योग मजबूत बन रहा है और घरेलू बिक्री में गिरावट के बावजूद निर्यात में 31.5 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। यह जानकारी एक रिपोर्ट में शुक्रवार को दी गई। Indian Construction Equipment Manufacturers Association (ICEMA) की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुनियादी ढांचे के धीमे निर्माण और परियोजनाओं में देरी के बावजूद निर्यात में वृद्धि ने इस क्षेत्र को मजबूत बनाए रखने में मदद की है।

तीसरा सबसे बड़ा Construction Equipment बाजार बना भारत

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Construction Equipment बाजार बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में इस क्षेत्र का अनुमानित मूल्य 10 अरब डॉलर था और 2030 तक 8.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 14.76 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष के दौरान कुल उपकरणों की बिक्री में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,36,995 यूनिट रह गई। एसोसिएशन ने बताया कि गैर-OEM निर्यात को छोड़कर घरेलू मांग में अधिकांश उपकरण श्रेणियों में लगभग 7 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट दर्ज की गई।

सरकारी पूंजीगत व्यय आवंटन उच्च स्तर पर

ICEMA के अध्यक्ष और JCB India Limited के CEO एवं Managing Director Deepak Shetty ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में देखी गई मामूली गिरावट को उद्योग की किसी संरचनात्मक कमजोरी के बजाय जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचे के धीमे क्रियान्वयन के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकारी पूंजीगत व्यय आवंटन ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर बना हुआ है, लेकिन परियोजना क्रियान्वयन में देरी, भूमि अधिग्रहण संबंधी चुनौतियां और धीमी वितरण प्रक्रिया ने वर्ष के दौरान उपकरणों की मांग को प्रभावित किया।

दीर्घकालिक विकास पथ के प्रति आश्वस्त

Deepak Shetty ने कहा कि निर्यात वृद्धि ने भारतीय निर्मित Construction Equipment की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दिखाया है और एसोसिएशन भारत के निरंतर बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित प्रयासों से प्रेरित उद्योग के दीर्घकालिक विकास पथ के प्रति आश्वस्त है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण में देरी, परियोजनाओं के कम आवंटन और Jal Jeevan Mission जैसे कार्यक्रमों के लिए निधि वितरण में कमी से घरेलू मांग प्रभावित हुई। इसके अलावा ठेकेदारों के भुगतान में देरी से बुनियादी ढांचा क्षेत्र में तरलता कम हो गई और उद्योग की वित्तपोषण पर उच्च निर्भरता को देखते हुए CEV Stage V उत्सर्जन मानदंडों के लागू होने से उपकरणों की लागत में काफी वृद्धि हुई।

निर्यात का मजबूत आधार सुदृढ़ घरेलू विनिर्माण प्रणाली

एसोसिएशन ने कहा कि भारतीय Construction Equipment उद्योग सड़कों, रेलवे, खनन, शहरी बुनियादी ढांचे, आवास और ग्रामीण विकास में निरंतर निवेश से प्रेरित होकर दीर्घकालिक विकास संभावनाओं के प्रति आशावादी बना हुआ है। निर्यात का मजबूत आधार सुदृढ़ घरेलू विनिर्माण प्रणाली है। अवसंरचना विकास पर सरकार का निरंतर ध्यान आने वाले वर्षों में उद्योग की निरंतर वृद्धि को समर्थन देने की उम्मीद है|



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