- दोपहिया और ट्रैक्टर सेगमेंट में सबसे तेज उछाल
- एसयूवी और पैसेंजर कारों की मांग मजबूत
- ऑटो सेक्टर में 70,300 करोड़ रुपये के नए निवेश की तैयारी
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खुदरा बिक्री जुलाई के पहले 23 दिनों में सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़ी है। Choice Institutional Equities की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन, तीनपहिया और ट्रैक्टर समेत सभी प्रमुख सेगमेंट में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। कम बेस, नए मॉडलों की लॉन्चिंग, ब्याज दरों में नरमी और त्योहारी मांग से आने वाले महीनों में भी बिक्री की रफ्तार बने रहने की उम्मीद है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री 31 प्रतिशत बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के पहले 23 दिनों में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़ी। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाए जाने, नए मॉडल बाजार में आने और उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बेहतर होने से इस सेगमेंट को समर्थन मिला है।
ट्रैक्टर सेगमेंट में सबसे अधिक 36.8 प्रतिशत उछाल
ट्रैक्टरों की बिक्री में सालाना आधार पर 36.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो सभी प्रमुख वाहन सेगमेंट में सबसे अधिक है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई के दौरान ट्रैक्टर सेगमेंट में मजबूत मांग बनी हुई है।
यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की मांग मजबूत
एसयूवी और पैसेंजर कारों की मजबूत मांग के कारण यात्री वाहनों की बिक्री 20.6 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 27.3 प्रतिशत और तीनपहिया वाहनों की बिक्री में 18.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
ऑटो सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी
Brickwork Ratings के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच ऑटो और ऑटो एंसिलरी सेक्टर में 70,300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, 4.76 लाख करोड़ रुपये की 184 परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं और 70 परियोजनाएं पहले से क्रियान्वयन के चरण में हैं। PLI योजनाओं, FAME-III प्रोत्साहन और वाहन कंपनियों के क्षमता विस्तार से निवेश को गति मिल रही है।
महीने के अंतिम दिनों में और बढ़ सकती है बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से जुलाई के आखिरी आठ दिनों में पूरे महीने की कुल बिक्री का करीब 25 से 28 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। ऐसे में जुलाई की अंतिम बिक्री वृद्धि मौजूदा आंकड़े से अधिक रह सकती है। अगस्त और सितंबर के कम बेस तथा दूसरी तिमाही के उत्तरार्ध में त्योहारी मांग से भी उद्योग को मजबूती मिलने की संभावना है। रिपोर्ट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में ऑटो और ऑटो एंसिलरी क्षेत्र के परिचालन राजस्व में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

