बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था घरेलू खपत में बढ़त के कारण तेजी से बढ़ रही है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ताजा आंकड़े काफी सकारात्मक और उत्साहजनक हैं। यह जानकारी अर्थशास्त्री की ओर से रविवार को दी गई। आईएमएफ ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। इन आंकड़ों पर बात करते हुए इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा, “आईएमएफ के आंकड़े अर्थव्यवस्था की काफी सकारात्मक और उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वहीं, चीन की अर्थव्यवस्था इस दौरान 4.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।” उन्होंने आगे कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था के तेज गति से बढऩे के तीन कारण हैं। पहला-घरेलू खपत में बढ़त, दूसरा- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी और तीसरा – सर्विसेज सेक्टर का तेजी से ग्रोथ करना है। शर्मा के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था ऐसे समय पर आगे बढ़ रही है, जब दुनिया की अर्थव्यवस्था की विकास दर में कमजोरी देखी जा रही है। दुनिया की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2024 में 3.3 प्रतिशत थी। इसके 2025 में 3.2 प्रतिशत और 2026 में 3.1 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है।
आईएमएफ ने अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में वैश्विक अर्थव्यवस्था के धीमेपन की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ को बताया है। आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, विकसित अर्थव्यवस्थाएं 1.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेंगी। वहीं, विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के 4.2 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था के 1.9 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है, जो कि 2024 में 2.4 प्रतिशत थी। स्पेन 2.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढऩे वाली विकसित अर्थव्यवस्था होगी।

