वैज्ञानिक संसाधनों की पहुंच बढ़ाने की पहल
नई दिल्ली, भारत में वैज्ञानिक और Research & Development (R&D) इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए निवेश को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उन्हें आसानी से खोजने योग्य, सुलभ और बेहतर तरीके से उपयोग में लाने की जरूरत है। यह बात Office of Principal Scientific Advisor (PSA) के Scientific Secretary Dr Parvinder Maini ने कही।
Nodal Officers की भूमिका पर दिया जोर
Dr Maini ने ‘I-STEM Portal’ की पहली “State Governments Nodal Officers Meeting” को संबोधित करते हुए कहा कि Nodal Officers संस्थानों को जोड़ने, वैज्ञानिक उपकरणों की सूची तैयार करने, सुविधाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके प्रभावी उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने राज्य स्तर पर Coordination और Implementation से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा की।
ONOS से मजबूत होगा Research Ecosystem
उन्होंने One Nation One Subscription (ONOS) जैसी पहलों का भी उल्लेख किया, जो उच्च गुणवत्ता वाले Scholarly Resources तक व्यापक पहुंच उपलब्ध कराकर देश के Research Ecosystem को मजबूत करने में मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि Public Investment से तैयार Scientific Infrastructure और Knowledge Resources का लाभ व्यापक R&D और Innovation Ecosystem तक पहुंचना चाहिए।
I-STEM Portal बना राष्ट्रीय वैज्ञानिक संसाधन मंच
I-STEM Platform अब एक बड़े National Resource के रूप में विकसित हो चुका है। इस प्लेटफॉर्म पर 31,000 से अधिक Scientific Instruments, लगभग 4,000 Institutions और 65,000 से ज्यादा Registered Users जुड़े हुए हैं। यह प्लेटफॉर्म मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर उपयोग, निवेश की दोहराव को कम करने और विशेष सुविधाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है।
23 राज्यों और 4 UTs के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
Meeting में 23 राज्यों और 4 Union Territories के State Government Nodal Officers के साथ Office of PSA और I-STEM के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में State Universities, Research Institutions, Laboratories और अन्य R&D Facilities को National I-STEM Platform से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा की गई।
वैज्ञानिक उपकरणों की साझा पहुंच पर फोकस
I-STEM पर 20 लाख रुपये से अधिक लागत वाले Publicly Funded Equipment की Listing को भी Shared Access और Optimal Utilisation के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया। यह पहल खासतौर पर उन State Universities, Colleges और Technical Institutions के लिए उपयोगी होगी जहां Advanced Scientific Infrastructure की उपलब्धता सीमित है।

