Monday, July 6, 2026 |
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Hindusatan Zinc द्वारा 4 लाख से अधिक घरों को बिजली देने के बराबर जीएजी उत्सर्जन की बचत

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/उदयपुर ग्लोबल एनर्जी इंडिपेंडेंस डे पर, भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी, Hindusatan Zinc Limited ने जलवायु कार्रवाई के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 6.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की बचत की है, जो उसके सस्टेनेबल डवलपमेंट गोल 2025 के 5 लाख टन कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य से कहीं अधिक है। रिन्यूएबल एनर्जी के कारण जितनी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आई है, वह एक साल तक 4 लाख से अधिक भारतीय घरों को बिजली देने के बराबर है। कंपनी क्लीन एनर्जी की ओर बदलाव लाने और परिचालन दक्षता सुधारने पर स्पष्ट रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है और अपने कार्यों के मूल में सस्टेनेबिलिटी को लगातार शामिल कर रही है।
क्लीन एनर्जी और लो कार्बन एमिशन : मिनिस्ट्री ऑफ पावर के आंकड़ों के अनुसार एक भारतीय घर में औसतन सालाना करीब 1,538 किलोवाट प्रति घंटा बिजली की खपत होती है। इस अनुसार वित्त वर्ष 25 में हिन्दुस्तान ंिजंक़ ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में जितनी कमी की है, वह 4 लाख से अधिक भारतीय घरों की साल भर की बिजली की जरूरत पूरी करने के बराबर है। वित्तीय वर्ष 2025 में, हिन्दुस्तान जिंक़ ने 63.6 करोड़ यूनिट रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग किया जो कि स्वयं ने उप्पादित की और बाहर से भी ली। यह आंकड़ा इस बात को मजबूती देता है कि कार्बन उत्सर्जन घटाने में हिन्दुस्तान जिंक़ अग्रणी कंपनी है। यह स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढऩे में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
सतत विकास लक्ष्यों की ओर अग्रसर : एस एंड पी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2024 द्वारा मेटल और माइनिंग क्षेत्र में दुनिया की सबसे सस्टेनेबल कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त, कंपनी ने हाल ही में अपने महत्वाकांक्षी 2030 सतत विकास लक्ष्यों, एसडीजी की घोषणा की है। इन लक्ष्यों में जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जिम्मेदार सोर्सिंग, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और हित, कार्यबल विविधता और सामाजिक प्रभाव जैसे विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। कंपनी ने 2020 के बेसलाइन से स्कोप 1 और 2 उत्सर्जन में 50 प्रतिशत और स्कोप 3 उत्सर्जन में 25 प्रतिशत की कमी लाने का संकल्प लिया है।
जिम्मेदार और सस्टेनेबल विनिर्माण के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, हिन्दुस्तान जिंक़ ने वित्त वर्ष 2025 में अपनी कुल बिजली खपत का लगभग 13 प्रतिशत रिन्यूएबल स्रोतों से प्राप्त कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत तक पहुंचना है। उल्लेखनीय रूप से, कंपनी ने 530 मेगावाट तक की चैबीसों घंटे रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बिजली वितरण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह 2050 तक या उससे पहले नेट जीरो प्राप्त करने की कंपनी की दीर्घकालिक दृष्टि में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी अपने कैप्टिव बिजली संयंत्रों में सभी टर्बाइनों का नवीनीकरण, सेलहाउस दक्षता में सुधार, संचालन में वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव की स्थापना, वैकल्पिक ईंधन स्रोतों पर स्विच करने जैसी नवीन ऊर्जा-दक्षता परियोजनाओं में भी निवेश करना जारी रखे हुए है, जिसके परिणामस्वरूप ऊर्जा की बचत होती है और उसकी पूरी मूल्य श्रृंखला में कार्बन उत्सर्जन कम होता है।
गत वर्ष, Hindusatan Zinc  ने एशिया के पहले कम कार्बन वाले ग्रीन जिंक – इकोजेन का उत्पादन शुरू किया है जिसे रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग से उत्पादित किया जा रहा है। कंपनी के लिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना एक रणनीतिक आवश्यकता है, जिससे हर प्रक्रिया चरण में कार्बन उत्सर्जन कम हो सके। इसके परिणामस्वरूप, Hindusatan Zinc ने 2020 के बेसलाइन से वित्त वर्ष 2025 में अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता में 15 प्रतिशत की कमी की है, जबकि उत्पादन की मात्रा में वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि Hindusatan Zinc मेटल और माइनिंग क्षेत्र में पहली भारतीय कंपनी है जिसने महत्वाकांक्षी 1.5 डिग्री सेंटिग्रेट ग्लोबल वार्मिंग सीमा के साथ संरेखित, साइंस बेस्ड टारगेट्स इनिशिएटिव लक्ष्यों को हासिल किया। सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को और स्थापित करते हुए, जिंक़ उत्पाद पोर्टफोलियो पर्यावरण उत्पाद घोषणा ईपीडी से सत्यापित है, इस प्रकार उत्पाद के पर्यावरणीय फुटप्रिंट पर तुलनात्मक डेटा प्रदान करता है।

 



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