बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई |प्रमुख स्टॉकब्रोकिंग कंपनी और एचडीएफसी बैंक की सहायक कंपनी, एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने आज संगठन से स्तर पर व्यापक पुनर्गठन की घोषणा की। इस पुनर्गठन का उद्देश्य है, कंपनी की बाज़ार स्थिति को मज़बूत करना और वृद्धि को गति प्रदान करना। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो रहे इन बदलावों से स्पष्ट है कि कंपनी भारत में निवेश के भविष्य को पुनर्परिभाषित करते हुए नवोन्मेष, परिचालन उत्कृष्टता और ग्राहक को हर फैसले के केंद्र में रखने के प्रति प्रतिबद्ध है।
इस रणनीतिक पुनर्गठन के तहत एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने नेतृत्व के स्तर पर निम्न बदलाव किए हैं :
1. आशीष राठी ‘प्रमुख – खुदरा व्यवसाय (रिटेल बिजऩेस)’ होंगे और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के निदेशक मंडल में पूर्णकालिक निदेशक के रूप में बने रहेंगे। रिटेल बिजऩेस के प्रमुख के रूप में, उन पर पूरे ब्रांच एंगेजमेंट चैनल की ज़िम्मेदारी होंगी, जिसमें पीबीजी/एनआरआई डेस्क, ग्रोथ फोर्स (वृद्धि बल), वितरण और ग्राहक अनुभव शामिल हैं।
2. वरुण लोहचब ‘मुख्य अनुसंधान अधिकारी (चीफ रिसर्च ऑफिसर) -इक्विटी’’ की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो सभी ग्राहक खंड में इक्विटी अनुसंधान की देख-रेख करेंगे। वरुण ने आईआईएम कलकत्ता और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई की है, वह 2020 में एचडीएफसी सिक्योरिटीज से जुड़े थे। इससे पहले जेफ्रीज, रेलिगेयर, सीआईएमबी और फ्रैंकलिन टेम्पलटन में काम कर चुके हैं और फिलहाल वह कंपनी में संस्थागत अनुसंधान के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।
3. आनंद माथुर, सीएफओ के रूप में भूमिका के अतिरिक्त, ‘रणनीति पोर्टफोलियो’ की अतिरिक्त ज़िम्मेदारियां संभालेंगे। आनंद के पास एचडीएफसी बैंक में काम करने का 18 साल से अधिक का अनुभव है, वह मार्च 2025 में एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीएफओ के तौर पर जुड़े।




