Monday, December 15, 2025 |
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व्यापार का मूल दुनिया में बदलाव लाने वाला हो: Bansidhar Sharma

by Business Remedies
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Business Remedies/Jaipur | Kunjesh Kumar Patsaria |  अपने पुस्तैनी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में रूचि होने पर Mahesh Sharma और Bansidhar Sharma ने Gulab Chand Dairy (GC Dairy) के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और ताजा आहार देकर पहचान बनाई है। उन्हें व्यवसाय करने का जुनून ऐसा लगा कि इसे निरंतर वे अपनी लगन और मेहनत से उत्तरोत्तर आगे बढ़ा रहे हैं। इन्होंने काफी वर्षों से अपने व्यवहार और ईमानदारी के दम पर व्यवसाय में अपना वर्चस्व कायम किया है।

आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने Agarwal College, Jaipur से कॉमर्स में स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद बचपन से ही व्यवसाय में रूचि होने के कारण अपना व्यवसाय शुरू कर दिया।

व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा मुझे पिताजी स्व. Gulabchand Sharma से मिली। उन्होंने ही उस समय इस व्यवसाय की नींव रखी, जब आजादी के बाद लोग पश्चिमी सभ्यता की ओर रुख कर रहे थे। तब उन्होंने अपने धरोहर और संस्कारों को आगे बढ़ाने की ओर एक कदम उठाया। जहां बहुत ही अवास्तविक मूल्यों में उन्होंने दूध, दही, घी को एक नाश्ते और मिठाई के रूप में प्रस्तुत किया। जहां इस ब्रांड में आज भी उन्हीं के आदर्शों का पालन करते हुए बिना किसी मशीन या आधुनिक तौर-तरीके से कम मूल्यों में हर प्रोडक्ट तैयार किया जा रहा है। इसमें शुद्ध देशी हस्तनिर्मित बिलौना मक्खन, श्रीखंड, लस्सी, छाछ, रबड़ी, देसी फ्रूट क्रीम, मक्खन सैंडविच, बाजरे की राब, जौ की राबड़ी काफी पसंद की जाती रही है। ये सभी प्रोडक्ट्स को उन्होंने ना सिर्फ भारत के आधारशिला पर तैयार किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और ताजा आहार देना मुख्य उद्देश्य रहा है।

वर्तमान में आपका डेयरी प्रोडेक्ट कहां-कहां जाता है?
Gulabchand Dairy (GC Dairy) को हमेशा से धार्मिक दृष्टि से जोड़ा जाता रहा है। भगवान कृष्ण के प्रिय मक्खन को मूल तरह से हम तैयार करते हैं। इसके चलते Jaipur के Shri Govind Dev Ji Temple में हमारे प्रोडेक्ट काफी पसंद किए जाते रहे हैं। यहां तक की जन्माष्टमी, राधाष्टमी, कार्तिक, प्रदोष आदि त्योंहारों पर सिर्फ हमारे उत्पादों को हर घर में भगवान के भोग के लिए प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही जिन लोगों को मॉडर्न केक्स नहीं पसंद होते वे लोग हमसे खास मावों से सजे मक्खन का केक डिजाइन करवाते हैं। मौजूदा समय में हमारे घी को काफी पसंद किया जा रहा है, जो ना सिर्फ भारत बल्कि Dubai, America और Arab देशों में भी जाने लगा है।

वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
हमारे व्यवसाय की सबसे बड़ी चुनौती है लोगों का विदेशी खान-पान की ओर रुझान। आज के समय में सोशल मीडिया के जरिए लोग ज्यादातर मॉडर्न खाने और भाग दौड़ के बीच फास्ट फूड को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते वे अपनी ही सेहत से मजाक कर रहे हैं। ऐसे में हमारी चुनौती युवाओं का ध्यान आकर्षित करना है, जो सिर्फ ट्रेंड के पीछे अपनी सेहत को महत्व नहीं दे रहे हैं। घी, गाय से निर्मित उत्पाद सेहत के लिए हितकारी है, जो समय के साथ लोग समझने लगे हैं। साथ ही ताजा और दूध से निर्मित होने के कारण हमारे सभी प्रोडक्ट्स की उम्र कम होती है। इसकी वजह से इनकी स्टोरेज में दिक्कत आती है, ये हमारे लिए एक छोटी चुनौती है, मगर फिर भी हम किसी भी तरह का प्रिजरवेटिव का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हो तो बताएं।
दुनिया के लिए वेस्ट मैनेजमेंट एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसके चलते हम पिछले करीब 70 वर्षों से शालवृक्ष की पत्तियों पर मक्खन को परोसते हैं। Jharkhand में पाई जाने वाले ये वृक्ष की पत्तियों का जनजातियों में बहुत महत्व है, जिसके चलते इन्हें अक्सर खाना बनाने और परोसने के लिए सदियों से भारत में इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये पत्तियां ना सिर्फ खाने की खुशबू या स्वाद को नहीं सोखती, बल्कि खाने के पोषक तत्वों को भी बढ़ावा देती है और जड़ गंध देकर स्वाद को मनमोहक बनाती है। इसके चलते हम किसी भी तरह का प्रदूषण नहीं करते और साथ ही प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करना हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

आपके आदर्श कौन हैं?
पूरे परिवार के लिए हमेशा से मेरे पिता और GC Dairy के संस्थापक आदर्श रहे हैं। उनके मार्गदर्शन पर चलते हुए हमारी नई पीढ़ी भी उन्हीं के सिखाए आदर्शों का पालन करती है। GC Dairy में उनके द्वारा रखी गई सिद्धांतों की नींव आने वाली कई पीढ़ियों तक निभाई जाएगी।

भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
हर व्यवसाय की तरह हम भी अपने प्रोडक्ट्स को हर घर में देखना चाहते हैं। साथ ही किसी नए प्रकार के सूत्र के साथ हम भविष्य में मक्खन, छाछ, श्रीखंड जैसी प्रोडक्ट्स को बिना प्रिजरवेटिव के साथ पूरे विश्व में एक्सपोर्ट करने वाले पहले ब्रैंड बनना चाहते हैं। साथ ही भारत में डेयरी प्रोडक्ट की सूरत को बदलते हुए डेयरी से ही कई तरह के खाद्य पदार्थों को लॉन्च करना चाहते हैं, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को स्नैक, सॉफ्ट ड्रिंक और फास्ट फूड की जगह कुछ हैल्दी विकल्प मार्केट में मिले।

नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?
जीवन के 50 वर्ष इस GC Dairy को देने के बाद समझ में आ गया है कि व्यापार का मूल खुद के साथ बदलाव लाना नहीं बल्कि दुनिया में बदलाव लाने वाला होना चाहिए। ऐसे में जो भी युवा नए व्यापार शुरू करना चाहते हैं वे जरूर ध्यान रखें कि उनके द्वारा क्या बदलाव लाया जा सकता है। पुराने घिसे-पिटे फार्मूले के साथ आगे बढ़ना आसान है, मगर लंबा भागना मुश्किल है। ऐसे में कुछ ऐसा करें, जिसे लंबे वक्त तक याद और पसंद किया जाए। साथ ही व्यापार में कभी भी अकेले आगे मत बढ़ो बल्कि सभी को साथ आगे लेकर चलो इससे मार्केट समझना आसान होता है।

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
सरकार Made in India के साथ काफी बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वहीं आज केंद्र सरकार millets को काफी प्रोत्साहन दे रही है। ऐसे में देशी खान-पान की तरफ भी सरकार को कैंपेन चलाने चाहिए। साथ ही Rajasthan के पुराने बिजनेस को अलग स्तर पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जहां आजादी के समय से चल रहे सभी व्यवसायों को धरोहर की बराबरी मिलनी चाहिए। साथ ही पुराने शहर के व्यवसायों को bar code टैगिंग देनी चाहिए, जिसे वे अपनी दुकान या शोरूम के बाहर लगा सके। इससे सभी टूरिस्ट और कस्टमर इस bar code के जरिए उस व्यापार की प्रामणिकता का पता लगा सके। इसके चलते ही सरकारी tourist guide के जरिए इन सभी व्यापारों को खास अहमियत देते हुए tourism sector से सहयोग भी प्रदान होना चाहिए।



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