Friday, December 5, 2025 |
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भारत मोबाइल निर्माण में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने की दौड़ में

by Business Remedies
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भारत अगले दो वर्षों में मोबाइल निर्माण में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कार्य योजना बनाई है। यह इसकी सार्थक पहल ही कही जा सकती है। इससे लगता है कि अगले दो वर्षों में देश में मोबाइल फोन के सभी कलपुर्जे (डिस्प्ले, बैटरी, चिपसेट और अन्य अहम हिस्से) बनने लगेंगे। माना यह जा रहा है कि वर्ष, 2027 तक भारत मोबाइल निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा। सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपए का निवेश भी किया है। इसके अलावा डेटा सुरक्षा को भी शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है। वैसे तो भारत पहले से ही एक वैश्विक मोबाइल हब की श्रेणी में आ चुका है और यह प्रगति निरंतर जारी है। जहां वित्त वर्ष, 2025-26 के पहले पांच महीनों में स्मार्टफोन का निर्यात 1 लाख करोड़ के पार चला गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि से 55 फीसदी अधिक है। वर्ष, 2014 में भारत में केवल 2 मोबाइल निर्माण इकाईयां थीं, जो अब बढक़र 300 से अधिक हो गई हैं। भारत अब वियतनाम को पछाडक़र मोबाइल फोन बनाने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बनने को तैयार है। वर्ष, 2025 की दूसरी तिमाही में भारत चीन को पछाडक़र अमेरिका को सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्यातक बन गया है। सरकारी पहल और नीतियां के कारण उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना जैसी पहलों ने घरेलू निर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



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