बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। ऑनलाइन भुगतान मंच पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को मुख्यधारा में लाकर उनके लिए सचमुच स्वर्ण काल की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि यह उन दिनों के मुकाबले एक आश्चर्यजनक बदलाव है, जब स्टार्टअप को करियर की तरह अपनाने में सबसे निचले पायदान पर रखा जाता था।
शर्मा ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी की भाषा में ‘अमेरिकी स्वप्न’ की जगह ‘भारतीय स्वप्न’ और ‘भारतीय स्टार्टअप’ ने ले ली है। उन्होंने कहा कि यहां संस्थापकों और उद्यमियों के लिए यह ‘वास्तव में स्वर्ण काल’ है। शर्मा ने जेआईआईएफ के सातवें स्थापना दिवस पर स्टार्टअप को मुख्यधारा में लाने और संस्थापकों को दृश्यता प्रदान करने का श्रेय सरकार को दिया।उद्यमियों से प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाकर अपने सामने मौजूद अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह करते हुए पेटीएम प्रमुख ने कहा, ‘यह वास्तव में एक स्वर्ण काल है… और भारत का अब तक का सबसे अच्छा समय है।’ शर्मा ने कहा कि भारत उस समय से बहुत आगे आ गया है जब नौकरी के इच्छुक लोग विदेश जाना पसंद करते थे या विदेशी आईटी कंपनियों या बड़ी घरेलू प्रौद्योगिकी फर्मों में नौकरी की उम्मीद करते थे। शर्मा ने कहा कि कॉलेज से निकलने वाले और नौकरी के इच्छुक लोग अब विदेश में नौकरी की तलाश करने के बजाय भारत में ही रहना पसंद करते हैं। जो कंपनियां आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने की सोच रही हैं, शर्मा ने उन्हें सलाह दी कि वे भारतीय बैंकरों को चुनें और उन्हें कम न समझें।

