Thursday, July 16, 2026 |
Home Business Remediesआंखों की जांच और ऑपरेशन रिहायती दरों तथा अच्छी सुविधाओं से “Golden Eye Hospital” ने बनाई पहचान

आंखों की जांच और ऑपरेशन रिहायती दरों तथा अच्छी सुविधाओं से “Golden Eye Hospital” ने बनाई पहचान

राष्ट्रीय अंधता निवारण के तहत दूर-दराज इलाकों में लगाए जाते हैं नि:शुल्क आई कैंप

by Business Remedies
0 comments

कुंजेश कुमार पतसारिया
बिजनेस रेमेडीज/ जयपुर। मालवीय नगर इलाके में पिछले साढ़े चार वर्षों से आंखों की जांच और सर्जरी में गोल्डन आई हॉस्पिटल ने अपनी कई विशेषताओं और सुविधाओं से अलग पहचान कायम की है। मालवीय नगर के ही नहीं बल्कि दूर-दराज से आंखों के मरीज उपचार लेने यहां आते हैं। राष्ट्रीय अंधता निवारण के तहत दूर-दराज इलाकों में हॉस्पिटल के माध्यम से महिने में चार से पांच कैंप भी यहां लगवाते हैं। इसके अलावा जयपुर के अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम एवं अत्याधुनिक मशीनों के जरिए आंखों के सभी रोगों की जांच और ऑपरेशन रिहायती दरों पर यहां किए जाते हैं।
गोल्डन आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर एम.के.उपाध्याय ने बताया कि हॉस्पिटल की स्थापना यहां 1 मार्च, 2021 में की गई। तभी से सैकड़ों मरीज उपचार के लिए यहां आते हैं। उन्होंने कहा कि फेडरेशन दिल्ली से बैचलर इन ऑपथेलिन में वर्ष, 2006 में डिप्लोमा कर मालवीय नगर स्थित कैलगिरी अस्पताल में वर्ष, 2009 से 2021 तक वहां काम कर करीब 12 वर्ष तक सीनियर चिकित्सक और कैलगिरी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक वाई.के.कालिया के सानिध्य में आंखों के उपचार की पूरी विद्या सीखी।
गोल्डन आई हॉस्पिटल अन्य आई हॉस्पिटल से अलग कैसे है? पर उपाध्याय बताते हैं कि यहां काफी रिहायती दरों यानि मात्र 100 रुपए फीस में आंखों की पूरी जांच की जाती है। चश्मे के नंबर भी दिए जाते हैं। इसके अलावा मरीजों को यहां जांच करवाने में ज्यादा देरी नहीं लगती है, आधा-पौन घंटे में उन्हें फ्री कर दिया जाता है। यहां तीन रिफ्रेशर रूम है, जहां मरीजों की जांच की जाती है। ऑपरेशन के लिए आए मरीजों के लिए 15 बेड है, जहां उनका दूरबीन के जरिए ऑपरेशन किया जाता है। तीस वर्षों से अधिक अनुभवी डॉक्टरों की टीम द्वारा आंखों के ऑपरेशन भी किए जाते हैं। हॉस्पिटल में क्या-क्या सुविधाएं प्रदान की जाती है, पर उनका कहना है कि अस्पताल में पूरी तरह से आंखों की जांच, फंडस एक्जामिनेशन, कॉन्टेट लेंस, ए.स्क्रैन व ईसीजी की यहां सुविधाएं हैं। मोतियाबिंद (फेको, सिक्स), ग्लोकोमा, टेरिजियम, ऑटोगैफ्ंिटग, डीसीआर, सी3आर आदि की सर्जरी भी की जाती है। सरकारी योजना में सीजीएचएस से मान्यता मिली हुई है और आरजीएचएस में अभी एएमयू होना बाकि है जो जल्द पूरी हो जाएगी। इसके अलावा केंद्र सरकार की डीवीएस के तहत राष्ट्रीय अंधता निवारण के माध्यम से जगह-जगह आई कैंप लगवाते रहते हैं। जहां गरीब मरीजों का महिने में चार से पांच बार कैंप लगाकर नि:शुल्क जांच की जाती है। इसके अलावा स्टार हैल्थ, टीपीए व अन्य स्कीम केशलेस है। सरकार से हॉस्पिटल को आगे बढ़ाने के लिए आपकी क्या अपेक्षाएं हैं? उपाध्याय बताते हैं कि सरकारी स्कीमों में जो अनावश्यक देरी होती है, फाइलें काफी समय तक पड़ी रहती है, उन पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है। इसलिए सरकार से प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने का आग्रह है।



You may also like

Leave a Comment