New Delhi,
इस सप्ताह सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लगातार profit booking और मजबूत डॉलर के कारण सोना करीब 5.89 प्रतिशत तक नीचे आ गया। इससे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया है। सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोने के अप्रैल वायदा में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 0.23 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि चांदी के मई वायदा में 1.72 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। फिलहाल सोने का वायदा भाव 1,44,825 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी का वायदा भाव 2,27,470 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत सोमवार को 1,56,436 रुपये थी, जो शुक्रवार तक घटकर 1,47,218 रुपये रह गई। यह गिरावट इस सप्ताह के दौरान लगातार बिकवाली को दर्शाती है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले सप्ताह में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। मध्य पूर्व में जारी geopolitical तनाव से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। पहले सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी थी, लेकिन हाल की अस्थिरता ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया है।
इजराइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचनाओं पर किए गए हमलों से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक स्तर पर आयातित महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी है। वहीं, अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व, जापान का केंद्रीय बैंक, कनाडा का केंद्रीय बैंक और इंग्लैंड का केंद्रीय बैंक सभी ने ब्याज दरों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उच्च या स्थिर ब्याज दरों की संभावना से सोने और चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बढ़ता है।
तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो एमसीएक्स सोना अब अपने निचले समर्थन स्तर के करीब पहुंच रहा है। 1,50,000 से 1,52,000 रुपये का स्तर इसके लिए प्रतिरोध के रूप में काम कर सकता है, जबकि 1,35,000 से 1,40,000 रुपये के बीच मजबूत मांग देखने को मिल रही है। चांदी की बात करें तो दीर्घकालिक रूप से इसमें तेजी का रुझान अभी भी बना हुआ है, क्योंकि सुरक्षित निवेश और औद्योगिक मांग दोनों इसे सहारा दे रहे हैं। हालांकि इस सप्ताह इसमें तेज गिरावट आई और यह 2,20,000 से 2,15,000 रुपये के मांग क्षेत्र का परीक्षण कर रही है। यदि बाजार में खरीदारी बढ़ती है तो चांदी में 2,40,000 रुपये तक सुधार संभव है।

