Monday, June 29, 2026 |
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हेंड केरी ज्वेलरी एक्सपोर्टस SOP में आवश्यक बदलाव के लिए GJEPC ने दिल्ली कस्टम से किया विचार-विमर्शं

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली  आभूषण निर्यात प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक सक्रिय पहल के तहत रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली कस्टम्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हेंड केरी से ले जाए जाने वाले आयात/निर्यात आभूषणों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को आवश्यक बदलाव (refine) करने हेतु एक फॉलो-अप बैठक की।
इस उच्चस्तरीय बैठक में 9 अप्रैल को आयोजित पूर्व चर्चा को आगे बढ़ाया गया और यह विशेष रूप से दिनांक 28 अप्रैल 2025 की अधिसूचना क्रमांक 09/25- कस्टम्स पर केंद्रित रही। बैठक का उद्देश्य व्यापारिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और उद्योग के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु एक स्पष्ट सार्वजनिक सूचना जारी करना है।
उपस्थित वरिष्ठ कस्टम अधिकारियों में धीरेज रस्तोगी, आईआरएस, प्रधान आयुक्त (निर्यात); अशीमा बंसल, आईआरएस, आयुक्त, एसीसी एक्सपोर्ट; विशाल पाल सिंह, आईआरएस, आयुक्त, एयरपोर्ट; दिव्यकोली सिंह, आईआरएस, उप आयुक्त, एसीसी शीट; तथा अनुज कुमार पांडे, आईआरएस, अतिरिक्त आयुक्त, एयरपोर्ट शामिल थे। GJEPC की ओर से अंतरपाल सिंह सहनी, क्षेत्रीय अध्यक्ष- उत्तर, तथा अनिल संखवाल, संयोजक, स्टडेड ज्वेलरी पैनल उपस्थित रहे।
चर्चा का मुख्य केंद्र सेलबी टर्मिनल, दिल्ली स्थित प्रेशियस कार्गो वेयरहाउस (PCW) के माध्यम से हेंड केरी किए जाने वाले आभूषण निर्यात के मसौदा एसओपी को अनुकूलित करना था। त्रछ्वश्वक्कष्ट प्रतिनिधियों ने प्रक्रियात्मक अड़चनों को कम करने और क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज करने के व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए, जिससे निर्यातकों के लिए कार्यप्रणाली अधिक सुगम और प्रभावी हो सके।
प्रमुख प्रस्तावों में से एक केंद्रीय वेयरहाउसिंग निगम (CWC) के कार्गो शेड में मूल्यांकनित पार्सलों के लिए एक समर्पित डिटेंशन रूम की व्यवस्था करना था, जिससे निर्यातकों की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आ सकेगी। इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए रस्तोगी ने आश्वासन दिया कि सभी सुझावों की समीक्षा कर उन्हें विचाराधीन लिया जाएगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि GJEPC को इन प्रस्तावों के कार्यान्वयन हेतु स्थान आवंटन के संबंध में CWC अधिकारियों से समन्वय स्थापित करना चाहिए। GJEPC के उत्तर क्षेत्रीय अध्यक्ष अंतरपाल सिंह सहनी ने कहा कि उत्तर क्षेत्र कस्टम अधिकारियों के साथ मिलकर व्यक्तिगत रूप से ले जाए जाने वाले आभूषण निर्यात को लेकर आवश्यक स्पष्टता और कार्यकुशलता लाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। ये सुधार हमारे निर्यातकों के सामने आने वाली व्यावसायिक चुनौतियों को काफी हद तक सरल बना देंगे और दिल्ली को एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में और सशक्त बनाएंगे। यह भागीदारी उद्योग-अनुकूल नीतियों की वकालत करने और अपने सदस्यों के लिए निर्बाध निर्यात प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जीजेईपीसी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



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