बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। रत्नत्नऔर आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने कहा है कि वैश्विक अशांति के बाद उपभोक्ता मांग में कमी के कारण जुलाई में कुल रत्न और आभूषण निर्यात में सालाना आधार पर 2&.28 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इस दौरान निर्यात का आंकड़ा घटकर 166.54 करोड़ डॉलर पर आ गया।
भारत में रत्नत्नऔर आभूषण उद्योग के लिए शीर्ष निकाय जीजेईपीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-202& में इस श्रेणी में कुल निर्यात 217.07 करोड़ डॉलर का हुआ था। जीजेईपीसी के चेयरमैन विपुल शाह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मांग में गिरावट के कारण निर्यात मुख्य रूप से प्रभावित हुआ है। संघर्षरत अर्थव्यवस्था के कारण चीन के बाजार में मांग में भारी गिरावट आई है।’’ जुलाई में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों (सीपीडी) का कुल निर्यात 22.71 प्रतिशत घटकर 90.77 करोड़ डॉलर का रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 117.44 करोड़ डॉलर था। जुलाई में सोने के आभूषणों का निर्यात भी 12.06 प्रतिशत घटकर 5&.04 करोड़ डॉलर का रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 60.&1 करोड़ डॉलर का हुआ था। इस बीच, शीर्ष व्यापार निकाय ने कहा कि हाल ही में 9-1& अगस्त तक आयोजित छह दिन के इंडिया इंटरनेशनल ’वेलरी शो (आईआईजेएस) प्रीमियर-2024 के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) का कारोबार हुआ। आईआईजेएस प्रीमियर-2024 ने कंबोडिया, ईरान, जापान, मलेशिया, नेपाल, रूस, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाइलैंड, तुर्की, ब्रिटेन और उ’बेकिस्तान सहित 1& से अधिक देशों से 50,000 से अधिक खरीदारों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित किया। शाह ने कहा, ‘‘आईआईजेएस प्रीमियर- 2024 एक जबर्दस्त सफलता थी, जिसने हमारे प्रदर्शकों के लिए 12 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार किया। सोने की कीमतों में गिरावट के बाद कारोबार में मुख्य रूप से सोने के आभूषणों का दबदबा रहा।’’




