नई दिल्ली,
फिनलैंड और भारत के बीच वस्तुओं तथा सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में लगभग 3 बिलियन यूरो पर है और 2032 तक यह बढ़कर 6 बिलियन यूरो तक पहुंच सकता है। यह बात भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविरता ने कही। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न EU-India Free Trade Agreement (FTA) के लाभों से दोनों देशों के व्यापार में तेज वृद्धि की संभावना है।
राजदूत ने EU-India Free Trade Agreement को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह अब तक यूरोपीय संघ या भारत द्वारा किया गया सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3 बिलियन यूरो है और FTA के प्रभाव को देखते हुए 2032 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उनके अनुसार, FTA वार्ताओं का सफल समापन यूरोपीय संघ और भारत के संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत है। इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आर्थिक और राजनीतिक संबंध भी अधिक मजबूत होंगे।
राजदूत ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के साथ घनिष्ठ सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि FTA के माध्यम से व्यापार के लिए एक अधिक पारदर्शी और स्थिर ढांचा तैयार होगा, जिससे दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों में विस्तार करने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, इस समझौते से प्रौद्योगिकी, सेवाएं, विनिर्माण और नवाचार जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में फिनलैंड और भारत के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मजबूत आर्थिक संबंध दोनों देशों के दीर्घकालिक सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे।

