अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पिछले दिनों भारत के प्रति टैरिफ के मामले में नरम रूख अपनाए जाने पर सभी हैरान है। जहां पहले ५० फीसदी टैरिफ लगाने से भारतीय निर्यातक काफी हतोत्साहित हो गए थे, पर गत दिनों ट्रंप द्वारा टैरिफ कम किए जाने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पडऩे की पूरी संभावना है। इससे भारत के निर्यात में वृद्धि हो सकेगी। खासकर कपड़ा, रत्न और आभूषण, ऑटो पार्ट्स, समुद्री उत्पाद और चमड़ा उद्योग प्रमुख है। जहां टैरिफ कम होने से भविष्य में निर्यात में बढ़ोतरी होना सुनिश्चित है। कपड़ा और रत्न आभूषण क्षेत्रों में 40-50 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है। वहीं ऑटो पार्ट्स और मशीनरी का अमेरिकी बाजार में मांग बढऩे से इन क्षेत्रों को फायदा हो सकता है। समुद्री उत्पाद और चमड़ा उद्योग क्षेत्रों में भी वृद्धि की संभावना है। फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र को टैरिफ से छूट मिल सकती है, जिससे निर्यात बढ़ सकेगा। वहीं भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6 फीसदी से ऊपर रहने की संभावना है। रुपए की कीमत में स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा विदेशी निवेश में वृद्धि हो सकती है। खाद्य पदार्थों के निर्यात में भी उछाल की संभावना है। यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव को खत्म करेगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार में सुधार होगा। वहीं टैरिफ हटने से निर्यात आधारित कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी तक का उछाल देखा जा रहा है। कम शुल्क से अमेरिका में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे भारत को एक विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ावा मिलेगा। यह डील अमेरिका-भारत के रिश्तों को और मजबूत करेगी, जिसके तहत भारत भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क कम कर रहा है।

