हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज बाल दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस के मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और उनके समग्र विकास के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसका इतिहास भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा है, जिनकी बच्चों के प्रति प्रेम के कारण उनका जन्मदिन आज के ही दिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उनकी शिक्षा और कल्याण के लिए काम करने के प्रति समाज और सरकार की जिम्मेदारी की याद दिलाता है। नेहरू को बच्चों से बहुत लगाव था और बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू भी कहते थे। उनके इसी स्नेह और बच्चों के प्रति उनके विचारों के सम्मान में उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत में पहला बाल दिवस 14 नवंबर, 1957 को मनाया गया था, जब इसे एक आधिकारिक सरकारी घोषणा के बाद मनाया गया था। बाल दिवस समाज को बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भलाई के प्रति अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। यह इस विचार पर जोर देता है कि बच्चे कल के भारत का निर्माण करेंगे और उन्हें जिस तरह से पाला जाएगा, वही देश के भविष्य को तय करेगा। इस दिन स्कूलों में बच्चों के लिए शैक्षिक व मनोरंजक और शिक्षकों द्वारा प्रस्तुतियां और बच्चों के लिए उपहार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

