Wednesday, August 26, 2026 |
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बारिश आने से फसलों के खराबे की संभावना

by Business Remedies
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पिछले दो दिनों से राजस्थान सहित कई राज्यों में हो रही बारिश से फसलों के खराबे की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्व-मध्य अरब सागर पर बने निम्न दबाव क्षेत्र से लेकर पश्चिमी मध्यप्रदेश तक फैली द्रोणी रेखा (ट्रफ) और निचले वायुमंडल में अरब सागर से आ रही है। नमी के साथ पश्चिमी विक्षोभ का असर भी देखने को मिल रहा है। वर्तमान समय में खरीफ की मुख्य फसल धान की मड़ाई का काम चल रहा है। अधिकांश किसानों ने फसल को काटकर खेतों में सूखने के लिए छोड़ दिया है। ऐसे में बारिश होने से धान की फसलों का नुकसान होने की पूरी संभावना किसान जता रहे हैं। वहीं मक्का और गन्ने की फसल भी बारिश से प्रभावित हो सकती है,जिससे इनकी पैदावार कम हो सकती है। अगर बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो जाता है, तो फसलें सड़ सकती हैं और उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। इसके अलावा बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ जाएगी, जिससे कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। बारिश के कारण मिट्टी का क्षरण हो सकता है, जिससे खेतों की उर्वरता कम हो जाएगी। मौसम में आए बदलाव से जड़ सडऩ, फफूंदी संक्रमण, जलभराव, मिट्टी का कटाव और फलों का सडऩा शामिल है। अचानक हो रही बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में कुल उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। इसके लिए जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करना जरूरी है। खेती के लिए सही समय पर उचित बीजों का चुनाव करना और फसल बीमा कराना भी बेहद आवश्यक है। राज्य सरकारों को भी किसानों की फसल की खराबे पर मुआवजा राशि मुहैय्या करवाने जैसे कदम उठाने की पहल करनी चाहिए।



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