Tuesday, July 14, 2026 |
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फार्मास्युटिकल उद्योग को आगे बढ़ाने में सरकार के लगातार प्रयास

by Business Remedies
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भारत सरकार की ओर से नित नए किए जा रहे प्रयासों से फार्मास्युटिकल उद्योग निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह उद्योग फिलहाल मात्रा के हिसाब से विश्व में तीसरे और मूल्य के हिसाब से चौदहवें स्थान पर है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि फार्मास्युटिकल उद्योग को और मजबूती प्रदान करे, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे और सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं आम लोगों को उपलब्ध कराए। इसके लिए सरकार नई-नई योजनाएं लाकर इसमें सहूलियत भी प्रदान कर रही है। गत दिनों ही सरकारी पैनल ने एचआईवी, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देते हुए करीब दो सौ दवाईयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने की सिफारिश की है। इनमें कई दवाईयां तो हद से ज्यादा महंगी है। सरकारी पैनल ने जहां कैंसर की दवाओं की पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की है। जो आमजन के लिए राहतभरी कही जा सकती है। पैनल ने करीब 200 अहम दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने की सिफारिश की है। इनमें से कई दवाएं बेहद महंगी हैं और आम मरीजों की पहुंच से बाहर हैं। ऐसे में मध्यम वर्ग कैंसर जैसी बीमारी का इलाज करवाने में असमर्थ हो जाता है, इसकी वजह बीमारी का लंबा चलना है और इनकी दवाईयां काफी महंगी होना है। ऐसे में सरकार की ओर से की जा रही यह पहल सराहनीय ही कही जा सकती है। इसके अलावा सरकार पहले भी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना भी चालू कर चुकी है। यह योजना घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए है। इसके अलावा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना भी शुरू कर रखी है। यह योजना सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। सरकार फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार कदम उठा रही है। वहीं विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास चल रहे हैं। आने वाले समय में हो सकता है भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग विश्व में पहले या फिर दूसरे स्थान पर कदम रख ले।



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