अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर से ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुडऩे वाले देशों पर १० फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा से सभी देशों को चौंका दिया है। यह घोषणा उस समय की गई जब कई देशों के साथ व्यापार समझौते की तैयारी अंतिम पड़ाव में चल रही है। इसमें भारत भी शामिल है। ऐसे में आने वाले समय में अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को अंतिम रूप देने में भारत को अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी, जिससे अमेरिका, भारत पर ज्यादा टैरिफ का बोझ ना लाद दे। दुनिया में अपना वर्चस्व स्थापित करने और अपने देश का हित साधने के लिए ट्रम्प पिछले काफी महीनों से कुछ ना कुछ घोषणाएं करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में ही सत्ता संभालने के कुछ दिन बाद ही टैरिफ बढ़ाने का गीत अलापना शुरू कर दिया था। अब फिर से ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद उठकर सामने आई है। मई माह के अंतिम सप्ताह में ही ट्रम्प ने स्टील और एल्युमीनियम आयात पर टैरिफ दोगुना करने की घोषणा कर सभी देशों को आश्चर्यचकित कर दिया था। अब वह पुन: तांबे पर 50 फीसदी और दवाओं पर 200 फीसदी तक शुल्क लगाने की घोषणा कर चौका दिया है। इससे भारत पर भी असर पडऩा लाजमी है। जहां भारत अपने तांबे के निर्यात का 17 फीसदी और दवाओं का 40 फीसदी अमेरिका को भेजता है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पिछले दिनों ही कैबिनेट बैठक में कहा था कि हम लोगों को आने के लिए लगभग एक साल, डेढ़ साल देंगे और उसके बाद उन पर शुल्क लगाया जाएगा।

